मण्डला 14 फरवरी 2022
मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम अन्तर्गत 15 फरवरी से 28 फरवरी 2022 की अवधि में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ’सघन पोषण पखवाड़ा’ का आयोजन किया जा रहा है। ’सघन पोषण पखवाड़ा’ अन्तर्गत समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों में बच्चों के पोषण के प्रति परिवार एवं समुदाय को जागरूक करना एवं स्वस्थ रहने हेतु परिवार एवं बच्चों में स्पर्धा की भावना को बढ़ावा देते हुए वर्तमान में पोषण के स्तर की जानकारी प्राप्त की जाएगी। बच्चों के कुपोषण के स्तर के आंकलन के उपरांत एसएएम श्रेणी के चिन्हांकित बच्चों को पूर्वानुसार मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्द्धन कार्यक्रम में शामिल करते हुये आईएमएएम रणनीति अंतर्गत बच्चों का उपचार एवं पोषण प्रबंधन किया जाएगा।
इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्वेता तड़वे ने बताया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए पृथक से सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर आंगनवाड़ी क्षेत्र, ग्राम, शहरी वार्डवार अनुमानित जन्म से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की संख्या का आंकलन कर ’सघन पोषण पखवाड़ा’ दिवसवार लक्ष्य निर्धारण कर कार्यवाही की जाएगी। बच्चों के शारीरिक माप के लिए आवश्यक उपकरण इंफेंटोमीटर, स्टेडियोमीटर एवं सॉल्टर स्केल आदि की केंद्रवार आंकलन तथा अनुपलब्धता की स्थिति में उपकरण साझा करने की व्यवस्था एवं समय निर्धारण कर जिलों में कार्यरत सहयोगी संस्थाओं, क्लब, रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से शारीरिक माप उपकरण उपलब्ध कराया जाये। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में आंगनवाड़ी क्षेत्र के प्रत्येक मोहल्ले, पारे, टोले-मजरे, वार्ड आदि के लिए दीनदयाल अंत्योदय समिति, जन अभियान परिषद द्वारा गठित प्रस्फुटन समिति, सहयोगिनी मातृ समिति, शौर्यादल, महिला स्व सहायता समूह, अन्य समुदाय स्तरीय समिति, सदस्यों को सम्मिलित कर सहयोगी दल का गठन किया जायेगा। जिलों के सहयोगी संस्थाओं के सहयोग से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अन्य नामांकित माप एजेंसियों का शारीरिक माप लेने हेतु प्रशिक्षण अनिवार्यतः कराया जाये।
कार्यक्रम का क्रियान्वयन
’सघन पोषण पखवाड़ा’ का प्रारम्भ 15 फरवरी 2022 को समारोहपूर्वक किया जायेगा तथा प्रथम सप्ताह (15 से 22 फरवरी) प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे के मध्य आंगनवाड़ी पर ही बच्चों का शारीरिक माप किया जाये। शेष दिवसों में 1 बजे के बाद टोले मजरे, अनकवर्ड क्षेत्र के छूटे हुये बच्चों के शारीरिक माप हेतु हितग्राही के घर-घर जाकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहयोगी संस्थाओं द्वारा पोषण दस्तक दी जाये। इस अभियान के दौरान समस्त कार्यकर्ताओं, दलों को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के प्रोटोकॉल का अनिवार्यतः पालन करेंगे।
