मण्डला 20 मई 2022
कलेक्टर हर्षिका सिंह कृषि विज्ञान केन्द्र में प्राकृतिक खेती की जिले में संभावना, रणनीति एवं किसानों को प्रेरित करने के लिए आयोजित कार्यशाला में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि जिले में प्राकृतिक खेती की भरपूर संभावना है। सभी किसान खेती में नवाचार को अपनाते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाएं। उन्होंने कार्यशाला में कहा कि जिले के सभी 9 ब्लॉकों में प्राकृतिक खेती के लिए क्लस्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में लगभग एक हजार हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती किए जाने के निर्देश शासन से प्राप्त हुए हैं। मंडला जिले में भी लगभग 15 हजार हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य रखा गया है। कार्यशाला में उपसंचालक कृषि मधुअली, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. विशाल मेश्राम, भोपाल तथा गुजरात से प्राकृतिक खेती पर विचार रखने आए अतिथि, संबंधित अधिकारी एवं किसान उपस्थित थे।

कलेक्टर ने कहा कि जिले के किसान अपनी कुल कृषि भूमि के कुछ हिस्से में प्राकृतिक खेती अवश्य करें। प्राकृतिक खेती में होने वाले खर्चे एवं उपज को अपनी बाकी कृषि पद्धति से तुलना करें। प्राकृतिक खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली खेती है। श्रीमती सिंह ने बताया कि प्राकृतिक खेती समन्वित प्रकार की खेती है इसलिए उद्यानिकी, पशुपालन एवं अन्य विभागों से भी समन्वय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी।
उन्नत किसान अन्य को भी करें प्रेरित
कलेक्टर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में अनेक किसान नवाचार अपनाते हुए उन्नत प्रकार की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्नत किसान अपने आसपास के किसानों को भी कृषि के आधुनिक तरीके एवं प्राकृतिक खेती के लाभों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में किसान क्लब, किसान मित्रों, चौपालों एवं कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के सभी पक्षों से परिचित कराया जाएगा तथा उनकी समस्याओं का निराकरण करते हुए हरसंभव मदद की जाएगी। कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केन्द्र को निर्देशित किया कि किसान की कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए एफएक्यू बनाएं तथा उसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी करें।
