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स्वास्थ्य विभाग ने बरसात में होने वाली संक्रामक बीमारी से बचाव के लिए निर्देश जारी किए

मंडला 13 अगस्त 2024

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.सी. सरोते ने जन समुदाय को एडवाजरी जारी की है कि बरसात के समय में जल जनित बीमारी होने की सम्भावना हो सकती है। बरसात में अक्सर दस्त, उल्टी, उल्टी-दस्त, आव, पेचिस, पेटदर्द, डायरिया पीलिया, टायफाइड, बुखार, मलेरिया बीमारियां होती है। इन बीमारियों से बचने के लिए सावधान रहें और बीमार न हों इसके लिए उपाय करें व स्वस्थ रहें। उन्होंने बताया कि बीमारियों से कैसे बचें उल्टी, पेचिस, आव, संक्रामक बीमारी से बचने के लिए ताजा भोजन का सेवन करें, शुद्ध पानी पीयें (उबला पानी, आरो का पानी, फिल्टर, हैण्ड पम्प का पानी पीयें) कुएं, नदी, नाला, पोखर, झील का पानी न पीयें, पानी को क्लोरीनेशन कर के पानी पीयें। सड़ी गली सब्जी, फल, बासा खाना न खायें, मांस का उपयोग बरसात के दिनों में न करें, व्यक्तिगत स्वच्छता अपनायें, खाद्य पदार्थ को छूने से पहले साबुन से अच्छी तरह हाथ धोयें, संक्रमित चीजों को छूने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोयें, भोजन खाने के पहले या शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह धोयें और स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें। उन्होंने उपचार विधि के बारे में बताया कि डॉक्टर के परामर्श से उल्टी-दस्त के लिए टेबलेट फ्यूराजोलाडिन, मेट्रोजिन, डायक्लोमिन, मेट्रोक्लोरापामाइड, जिंक, ओ०आर०एस० का घोल, खीरा, दही, शिकंजी, चावल का पानी (माड) तथा तरह पदार्थ अधिक मात्रा में सेवन करें। उन्होंने सुझाव दिए कि दस्त से संबंधित संक्रामक बीमारी होने पर नजदीकी अस्पताल जायें, ग्राम स्तर में आशा कार्यकर्ता डीपो होल्डर के माध्यम से जीवन रक्षक दवाईयां प्राप्त करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जनसमुदाय को एडवाइजरी जारी की है कि बरसात के दिनों में वेक्टर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकिनगुनिया, फायलेरिया (हाथी पांव) जैसे गंभीर बीमारी होती है। गंदा पानी, नाली गढ्ढो में पानी एकत्रित होने से मच्छर के लार्वा से अंडे पनपते हैं। उन्होंने मलेरिया के संबंध में बताया कि मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। जिसमें तेज बुखार, सिरदर्द, हाथ-पैरों में ऐठन व उल्टी होती है। उन्होंने डेंगू के संबंध में बताया कि डेंगू का लार्वा साफ पानी में पैदा होता है जैसे कूलर, टूटे हुए टायर, टंकी में एडीज मच्छर के लार्वा पनपते है। एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। उन्होंने चिकिनगुनिया के संबंध में बताया कि इसका वायरस सीधे हड्डी पर अटैक करता है, जिसके कारण असहनीय दर्द होता है। शरीर में चकत्ते के साथ तेज बुखार होता है। मलेरिया, डेंगू, चिकिनगुनिया, फायलेरिया से कैसे बचें घर के आसपास की सफाई रखें। पानी इकट्ठा न होने दें, गड्ढों को भरें, टायर, कबाड़ समान ढंक कर रखे, इनमें पानी इक्कठा न होने दे। कूलर व टंकी के पानी को एक सप्ताह में खाली करे। नीम का धुआं करें, शाम के समय खिड़की, दरवाजा बंद रखें, रात्रि में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरी अस्तीन के कपडें पहनें, मच्छर से बचाव के साधन जैसे-क्रीम, क्वाइल रिपेलेन्ट इत्यादि का उपयोग करें। बुखार आने पर तत्काल जांच करायें। उन्होंने बताया कि बुखार आने पर नजदीकी अस्पताल जा कर खून की जांच करायें एवं ग्रामीण क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता के पास जा कर खून की जांच करायें और दवायें प्राप्त करें।

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