मंडला, 28 जून 2025
मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड की टिकरिया ग्राम पंचायत के बम्होरी गाँव की कपूरिया विकडे ने उन हज़ारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है जिन्होंने अभावों के बावजूद अपने सपनों को साकार किया। एक समय था जब कपूरिया दीदी और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिससे उन्हें रोज़मर्रा के जीवन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कपूरिया बताती है कि ज्योती आजीविका स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी ज़िंदगी ने एक नया मोड़ लिया। समूह और ग्राम संगठन में अपनी बात रखने पर आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें कृषि उद्यमी के रूप में शांति महिला आजीविका ग्राम संगठन से चयनित किया गया। इस चयन के बाद कपूरिया दीदी को 35 दिनों का प्रशिक्षण मिला, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्हें नई दिशा मिली। प्रशिक्षण के उपरांत कपूरिया दीदी ने अपने समूह से पहली बार में 50,000 रुपये और फिर 90,000 रुपये का ऋण लेकर मुर्गी पालन का कार्य शुरू किया। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने न केवल अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया, बल्कि एक कृषि उद्यमी के रूप में उन्होंने ग्राम संगठन की अन्य समूह दीदियों को भी उन्नत कृषि का प्रशिक्षण दिया और उन्हें भी उन्नत कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया। कपूरिया दीदी 8-10 दीदियों को मुर्गी पालन का कार्य भी शुरू करवाया, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि हुई।
कपूरिया दीदी कहती है कि मेरी अब मासिक आय 45,000 से 48,000 रुपये है और मुझे लखपति दीदी के रूप में भी चयनित किया गया है। कपूरिया दीदी कहती है कि कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और सामुदायिक सहयोग से कोई भी व्यक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकता है।
कपूरिया दीदी कहती है कि मेरी अब मासिक आय 45,000 से 48,000 रुपये है और मुझे लखपति दीदी के रूप में भी चयनित किया गया है। कपूरिया दीदी कहती है कि कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत और सामुदायिक सहयोग से कोई भी व्यक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकता है।

