मंडला – महान चित्रकार सैयद हैदर रज़ा की स्मृति में रज़ा फाउण्डेशन नई दिल्ली द्वारा पांच दिवसीय रज़ा स्मृति – 2025 के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पांच दिवसीय इस रज़ा स्मृति में कला व साहित्य का अनोखा समागम देखने को मिल रहा है। रविवार को सैयद हैदर रज़ा मार्ग स्थित रज़ा कला वीथिका में बड़ी संख्या में कला के शौकीन चित्रकारी करने पहुंचे। खासकर बच्चों और महिलाओं में पेंटिंग को लेकर खासा उत्साह देखा गया। बच्चे जहां ड्राइंग शीट और गुल्लक को पेंट करने में रूचि दिखा रहे थे तो महिलाएं छाते और गमलों में आकर्षक पेंटिंग कर रही थी। इसके साथ ही मिट्टी के चॉक पर मिट्टी के दिए, गुल्लक आदि चीज़े बनाना सीख रहे है। होटल बालाजी होटल में आयोजित स्क्रैप मूर्तिकला शिविर में मूर्तिकार नरेंद्र देवांगन, जितेंद्र साहू, सुमित वर्मा और अमित कुमार सिन्हा स्क्रैप (कबाड़) से मूर्ति तैयार कर रहे है

21 जुलाई सोमवार को रज़ा स्मृति में चित्रकारी, काव्य पाठ और भारतीय शास्त्रीय नृत्य का अनोखा समागम देखने को मिलेगा। रज़ा कला वीथिका में चित्रकारी के शौकीन पेंटिंग करेंगे, झंकार भवन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवि काव्य पाठ करेंगे और रानी दुर्गावती कॉलेज के सभागार में प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना आरोही मुंशी व प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना अरुणिमा घोष अपनी प्रस्तुति देंगी। सोमवार की सुबह 11:00 बजे से झंकार सभागार में काव्य पाठ का आयोजन किया गया है। इसमें अरुण कमल, आशुतोष दुबे, तेजी ग्रोवर, संगीता गुंदेचा, पवन करण, रश्मि भारद्वाज, सुशीला पुरी, व्योमेश शुक्ल, सत्यव्रत रजक काव्य पाठ करेंगे। दूसरे सत्र में कविता का अरण्य में चर्चा होगी। इसमें ज्योतिष जोशी, विनोद तिवारी, प्रभात रंजन, अरुण होता, अजित कुमार राय, व्योमेश शुक्ल शामिल होंगे। सांस्कृतिक संध्या के तहत 21 जुलाई 2025, दिन सोमवार की शाम 7:15 रानी दुर्गावती महाविद्यालय के सभागार में भरतनाट्यम व ओडिसी नृत्य की अनोखी जुगलबंदी देखने को मिलेगी। इसमें भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्य की यादगार प्रस्तुति होगी। बता दे कि पूर्व में यह कार्यक्रम झंकार भवन में प्रस्तावित थे लेकिन अब इसका आयोजन आर. डी. कॉलेज के सभागार में होगा।

भरतनाट्यम और ओडिसी नृत्य की अनोखी जुगलबंदी –
सांस्कृतिक संध्या के तहत रानी दुर्गावती महाविद्यालय के सभागार में 21 जुलाई, सोमवार की शाम 7:15 पर प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना आरोही मुंशी व प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना अरुणिमा घोष अपनी भारतीय शास्त्रीय नृत्य कला का प्रदर्शन करेंगी। इस युगल प्रस्तुति का आरम्भ होगा आदि शंकराचार्य रचित नर्मदाष्टकम् से होगी। इसके बाद दोनों नृत्यांगनाएं ‘स्वस्ति’ की प्रस्तुत देंगी जो स्वर्गीय सैयद हैदर रज़ा की 2016 में बनायी गयी चित्रकृति ‘स्वस्ति’ पर आधारित नृत्यरचना है। यह एक महान कलाकार को नृत्य-प्रणति है। इसके लिए विशेष संगीत रचना सुधा रघुरमन ने की है जिसमें राग जोग, वृन्दावनी सारंग और शुद्ध सारंग का आधार लिया है और स्वस्ति-मंगल को व्यक्त किया गया है। इसके बाद स्वर पल्लवी की प्रस्तुति होगी जिसमें लय के कई रूपाकार और ज्यामिति का प्रयोग होगा जिसके संगीत की रचना सुधा रघुरमन ने की है। पल्लवी अगली प्रस्तुति ओड़िसी शैली में होगी। राग पूर्वी और एकताली में निवद्ध इसकी संगीत रचना भी सुधा रघुरमन की है। भरतनाट्यम में एक प्रसूति पदम कृष्णा नी बेगानी बारों है, जिसमें कृष्ण को जल्दी आने के लिए कहा जा रहा है। 22 जुलाई मंगलवार की शाम रानी दुर्गावती महाविद्यालय के सभागार में व्योमेश शुक्ल के निर्देशन में महाकवि निराला की कविता पर आधारित नृत्य नाटिका राम की शक्ति पूजा का मंचन किया जायेगा। रज़ा स्मृति 2025 के आयोजन में जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद्, मण्डला, इनर वोइस सोसाइटी, नागपुर कॉलेज ऑफ आर्ट बतौर सहयोगी शामिल है। रज़ा फाउंडेशन के सदस्य सचिव संजीव चौबे ने सभी कला प्रेमियों से रज़ा स्मृति के विभिन्न आयोजनों में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य व संगीत के शौकीनों से आर. डी. कॉलेज पहुंचकर भरतनाट्यम व ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति देखने की खास अपील की है।

