मंडला, 27 दिसंबर 2025
शुक्रवार को ग्राम पंचायत कटरा में विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के संबंध में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मंडला श्री शाश्वत सिंह मीना की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने ग्रामीणजनों को अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों एवं इसके दूरगामी लाभों की विस्तृत जानकारी दी।
सीईओ जिला पंचायत श्री मीना ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में मनरेगा अधिनियम के माध्यम से अकुशल श्रमिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, साथ ही उनकी आय एवं क्रय शक्ति में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि समय की आवश्यकता के अनुरूप मनरेगा को स्थायी एवं संवहनीय आजीविका से जोड़ने के लिए परिवर्तित स्वरूप में नए प्रावधान जोड़ना आवश्यक हो गया था। इसी उद्देश्य से विजन 2047 के अंतर्गत सम्पूर्ण आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जी-राम-जी अधिनियम लाया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि इस अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सृजन, स्थायी ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण एवं संवर्धन तथा आपदा प्रबंधन इन चार श्रेणियों में कार्यों को ग्राम सभा के माध्यम से एकीकृत कार्य योजना में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही एक परिवार के लिए एक वित्तीय वर्ष में रोजगार की अवधि को 100 दिवस से बढ़ाकर 125 दिवस कर दिया गया है।
सीईओ श्री मीना ने स्पष्ट किया कि मनरेगा अधिनियम के अंतर्गत श्रमिकों को प्राप्त सभी अधिकार-जैसे कार्य मांगने का अधिकार, जॉब कार्ड का अधिकार, कार्यस्थल पर सुविधाओं का अधिकार, समय पर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, विलंबित क्षतिपूर्ति तथा दुर्घटना एवं मृत्यु की स्थिति में बीमा अधिकार-पूर्ववत यथावत रहेंगे, बल्कि अब इन्हें पहले से अधिक प्रभावी रूप में लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी छह माह के भीतर राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नवीन अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित भारत की अवधारणा को सशक्त बनाएगा तथा श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार के साथ स्थायी आजीविका की परिकल्पना को साकार करेगा।
