मंडला, 20 मार्च 2026
जिले में चिया की खेती को बढ़ावा देने के लिए आत्मा परियोजना, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा 2000 एकड़ में फसल विविधीकरण का काम किया जा रहा है। विकासखंड नारायणगंज के बम्हनी गांव के किसानों ने 10 एकड़ में चिया फसल लगायी है।
किसानों ने प्राकृतिक खेती के तहत चिया फसल में प्राकृतिक खाद का प्रयोग किया है। किसान श्री तीरथ उईके और अन्य किसानों ने मिलकर इस फसल को लगाया है। कृषि सखी श्रीमती अनीता बघेल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुश्री प्रीति लोवंशी, श्री हरिओम झारिया एवं बीटीएम श्री मोहित गोल्हानी के प्रयास से किसानों ने फसल में रुचि दिखाई है।

उप संचालक कृषि श्री अश्विनी झरिया ने बताया कि चिया एक पौष्टिक बीज है, जिसमें प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे “सुपर फूड“ कहा जाता है। चिया की खेती के लिए हल्की ठंडी व शुष्क जलवायु उपयुक्त है।
परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती अंजू कुड़ापे ने चिया उत्पादन से किसानों के जुड़ने के विषय में बताया कि यह कम लागत वाली फसल है और एक एकड़ खेत में 4-6 क्विंटल तक उत्पादन संभव हो सकता है। बाजार में चिया बीज की कीमत 220 प्रति किलो तक होती है, यह प्राकृतिक खेती में भी उपयुक्त है।
