मंडला, 13 अप्रैल 2026
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने कहा कि स्वास्थ्य प्रशासन की छवि का महत्वपूर्ण पैरामीटर है। हमारे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोग शासकीय चिकित्सालयों पर निर्भर हैं। इसलिए हमारी जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है। स्वास्थ्य जिम्मेदारी के साथ-साथ संवेदनशीलता का विषय है। जिले की मातृ मृत्यु दर का औसत राज्य के औसत से बहुत अधिक होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि महिला बाल विकास विभाग, ग्रामीण विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के सामूहिक प्रयास से इसे न्यून किया जा सकता है।

समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री धोटे ने जिले के जिला चिकित्सालय के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, संजीवनी क्लीनिक, एनआरसी के संबंध में जानकारी ली। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एएनसी जांच, पीएनसी जांच, हाईरिश्क प्रेग्नेंसी, टीकाकरण, एनीमिया, सिकलसेल, स्क्रीनिंग, शिशु मृत्यु दर सहित अन्य स्वास्थ्य से संबंधित विषयों की जानकारी लेते हुए विगत वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने जिला परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए साझा प्रयास करें।

जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीजे मोहंती, सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती शालिनी तिवारी, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री रोहित बड़कुल, डीएचओ डॉ. पीएल कोरी, डीपीएम, एनएचएम, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, समस्त बीएमओ, बीपीएम, बीसीएम, समस्त सीडीपीओ सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।

