मंडला, 17 अप्रैल 2026
जिले में किसानों को खाद की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संचालित ’’ई-विकास उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली’’ के तहत अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा बताया गया कि लेम्पस प्रबंधक दानीटोला (बिछिया), लेम्पस प्रबंधक पिंडरई (नैनपुर), मेसर्स नारायण दास खण्डेलवाल बम्हनी बंजर, विपणन सहकारी समिति मर्यादित बिछिया, मेसर्स कैलाशचंद्र जैन पिंडरई, मेसर्स राजेश क्षत्री बिलगांव (मोहगांव), मेसर्स गुरूकृपा ट्रेडर्स ढेंको (मंडला), मेसर्स शिव कृषि केन्द्र मानादेई (मंडला), मेसर्स संदीप खाद भण्डार करियागांव (बिछिया), मेसर्स मोहन कृषि केन्द्र पिंडरई, मेसर्स किसान कृषि केन्द्र अंजनिया, मेसर्स साहू ट्रेडर्स निवारी (नैनपुर), मेसर्स श्री सांई कृषि केन्द्र कटरा बायपास (मंडला) तथा मेसर्स किसान कृषि केन्द्र अंजनिया को नियमों का पालन न करने पर ’’अंतिम चेतावनी’’ जारी की गई है।
प्रणाली के तहत जिले में 4 डबल लॉक केंद्र, 43 सहकारी समितियाँ और 81 निजी विक्रेता किसानों को खाद वितरण कर रहे हैं। किसानों के लिए इस डिजिटल व्यवस्था में ’’फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य’’ है, जिसे वे पटवारी, कॉमन सर्विस सेंटर या मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी बना सकते हैं।
यह प्रणाली किसानों को बिना लंबी कतारों और कालाबाजारी के, तय समय और स्थान पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है। किसान आधार नंबर और ओटीपी के जरिए पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी फसल, भूमि और मौसम का चयन करते हैं, जिसके आधार पर सिस्टम आवश्यक उर्वरक की गणना कर उपलब्ध स्टॉक दिखाता है। इसके बाद किसान अपनी पसंद के विक्रेता का चयन कर डिजिटल टोकन प्राप्त करते हैं, जिसमें वितरण केंद्र, तारीख और समय अंकित रहता है।
इसके बावजूद कुछ विक्रेताओं द्वारा नियमों की अनदेखी और अनियमितताएं सामने आईं। प्रशासन ने ऐसे सभी संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी है कि भविष्य में उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे ई-विकास प्रणाली के नियमों का कड़ाई से पालन करें, ताकि किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध हो सके।
