मंडला, 23 अप्रैल 2026
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री शिव कुमार वर्मा ने बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को बालकों से संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी टीओआर, एसओपी तथा माननीय न्यायालयों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और आदेशों का कड़ाई से पालन करें।
ये निर्देश पुलिस कंट्रोल रूम मंडला में आयोजित बाल कल्याण एवं संरक्षण विषयक प्रशिक्षण सह कार्यशाला के समापन सत्र में दिए गए। यह कार्यशाला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत आयोजित की गई।

कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में बाल कल्याण समिति, जिला मंडला के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र गुप्ता ने भाग लिया। उन्होंने देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015, पॉक्सो एक्ट 2012 तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का विषय प्रवेश उप पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा) श्री सतीश कुमार चतुर्वेदी ने किया, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री रोहित बड़कुल ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागीय समन्वय को मजबूत करना है। इससे संबंधित हितधारकों में संवेदनशीलता बढ़ेगी और कानून की प्रक्रियाओं की बेहतर समझ विकसित होगी।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में बाल कल्याण समिति एवं पुलिस की भूमिका, विशेष किशोर पुलिस इकाई के कर्तव्य (टीओआर) तथा गुमशुदा बच्चों से संबंधित एसओपी पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
खुले सत्र में समिति की सदस्य श्रीमती तृप्ति शुक्ला, श्री रंजीत कछवाहा एवं श्री संतोष कुमार यादव ने बालकों के सर्वाेत्तम हितों पर विचार साझा किए। प्रतिभागियों ने अपने कार्य में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की। इस अवसर पर कोतवाली मंडला में पदस्थ एएसआई वंदना नाग ने गांधीनगर में आयोजित “शौर्या दीदी” प्रशिक्षण एवं उसके जिला स्तर पर मासिक क्रियान्वयन की जानकारी दी। कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों एवं चौकियों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा पुलिस कंट्रोल रूम के कर्मचारी उपस्थित रहे।

