मंडला, 5 मई 2026
जिले में देखरेख और संरक्षण के जरूरतमंद बच्चों के लिए संस्थागत और गैर संस्थागत स्तर पर उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल कल्याण समिति के समन्वय से पिछले एक साल में 52 बच्चों का संरक्षण व पुनर्वास किया गया है।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष श्री गजेन्द्र गुप्ता की पीठ ने इन बच्चों को माता-पिता या संरक्षक के पास रखने और बाल देखरेख संस्था के बच्चों को परिवार में पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी की। समिति में सदस्य श्रीमती तृप्ति शुक्ला, श्री रंजीत कछवाहा, सुश्री शशि पटेल और श्री संतोष कुमार यादव शामिल हैं।
मिशन वात्सल्य के तहत गैर संस्थागत देखरेख में 152 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ा गया है। इसमें हर बच्चे को 4 हजार रुपए प्रतिमाह मिलते हैं। मंडला में 50 क्षमता वाला बाल गृह संचालित है, जहां अभी 9 बच्चे निवासरत हैं।
फॉस्टर केयर के तहत एक बच्चे को पोषक माता-पिता के साथ प्रतिस्थापित किया गया है। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन में 23 वर्ष की आयु पर 10 लाख और आयुष्मान कार्ड, जबकि मुख्यमंत्री कोविड-19 योजना में 5 हजार रुपए प्रतिमाह देने का प्रावधान है। डीपीओ श्रीमती शालिनी तिवारी के पर्यवेक्षण में सभी योजनाओं का संचालन हो रहा है।
