मंडला, 21 मई 2026
नाबार्ड एवं सेंटर ऑफ डिस्कवरी फॉर विलेज डेवलपमेंट के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय मधुमक्खी दिवस को इस वर्ष विशेष एवं नवाचारपूर्ण तरीके से मनाया गया। कार्यक्रम में मधुमक्खी संरक्षण, शहद उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा ने की। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, जो क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वरिष्ठ समाजसेवी श्री प्रफुल मिश्रा ने कहा कि मधुमक्खी संरक्षण को लेकर नाबार्ड और सीडीवीडी द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और यह कार्य जिले के लिए गौरव का विषय बनेगा।

नाबार्ड के डीडीएम श्री देवब्रत पाल ने शहद परियोजना एवं विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वनों और मधुमक्खियों का संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सतत विकास आवश्यक है।
संस्था के निदेशक श्री निशार कुरैशी ने पीपीटी के माध्यम से मधुमक्खी संरक्षण, हनी हंटर्स की समस्याओं तथा सुरक्षित शहद निष्कर्षण तकनीकों की जानकारी दी। वहीं कृषि विभाग की उप संचालक मधु अली ने बताया कि मधुमक्खियों के परागण से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में एलडीएम श्री सुजय कुमार एवं के.के. अवस्थी द्वारा वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग सुविधाओं एवं बीमा योजनाओं की जानकारी दी गई। आरसेटी निदेशक श्री राजेश राय ने कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में बताया। पर्यावरण विशेषज्ञ श्री राजेश छत्री ने मधुमक्खियों और पर्यावरण के पारस्परिक संबंध पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता एवं हनी हंटर्स शामिल रहे।
