मंडला, 15 जून 2026
संकट के समय जब उम्मीदें टूटने लगी थीं, तब जिला प्रशासन और पुलिस विभाग हमारे लिए देवदूत बनकर सामने आए। आज मेरा बेटा सुरक्षित मेरे पास है, तो सिर्फ सरकार और प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से। यह भावुक कर देने वाले शब्द मण्डला जिले के विकासखंड मवई के वन ग्राम सैंदा निवासी श्री धनेश्वर दास मोंगरे के हैं, जिनका बेटा चमन दास मोंगरे श्रीनगर में प्लेसमेंट एजेंसी के कारण जबरन मजदूरी कराए जाने के चंगुल से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।
तीर्थ यात्रा से लौटते समय हुआ था लापता
प्राप्त जानकारी के अनुसार चमन दास मोंगरे पिता धनेश्वर दास मोंगरे गत 7 मई को तीर्थ स्थल घूमने के उद्देश्य से असम गया था। वहाँ से वापस मण्डला लौटते समय 15 मई को उसने दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुँचकर अपने पिता को मोबाइल से सूचना दी थी कि वह तीन दिनों के भीतर मण्डला लौट आएगा। लेकिन इसके बाद उसका कोई अता-पता नहीं चला और परिवार गहरी चिंता में डूब गया।
श्रीनगर में बंधक बनाकर कराया जा रहा था काम
विगत 8-10 दिन पूर्व पीड़ित श्री चमन दास ने अज्ञात मोबाइल नंबरों से किसी तरह अपने पिता से संपर्क किया। उसने अत्यंत डरी हुई आवाज में बताया कि उसे वर्तमान में श्रीनगर में किसी मेडिकल दुकान पर बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा है। दुकान मालिक ने उसका मोबाइल भी छीन लिया है, उसे ठीक से खाना नहीं दिया जा रहा और मजदूरी मांगने पर प्रताड़ित किया जा रहा है। इस बातचीत के बाद फोन अचानक बंद हो गया, जिससे अनहोनी की आशंका और बढ़ गई।
प्रशासनिक तालमेल और त्वरित एक्शन से मिली सफलता
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन मण्डला ने तत्काल संज्ञान लिया। कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे एवं जिला प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन में श्रम विभाग, पुलिस विभाग और मवई थाना प्रभारी की एक संयुक्त टीम सक्रिय की गई।
प्रशासन ने तकनीकी साक्ष्यों और प्राप्त मोबाइल नंबरों के आधार पर श्रीनगर स्थानीय प्रशासन व पुलिस से तुरंत संपर्क साधा। मण्डला पुलिस और मवई टीआई के निरंतर समन्वय तथा लेबर विभाग की त्वरित कानूनी कड़ाई के चलते, आखिरकार श्री चमन दास मोंगरे को श्रीनगर के उस ठिकाने से सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।
घर लौटा चमन, परिवार ने जताया आभार
श्री चमन दास मोंगरे के सुरक्षित वापस मण्डला लौटने पर उसके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। पीड़ित के पिता श्री धनेश्वर दास मोंगरे ने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, मण्डला पुलिस, श्रम विभाग और विशेष रूप से मवई टीआई के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है।
