मंडला, 9 जुलाई 2026
जिला पंचायत सभागृह में बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए महिलाओं एवं बच्चों के सुपोषण, संरक्षण तथा समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
बैठक में नवागत जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनोद परस्ते, सहायक संचालक श्री रोहित बड़कुल, श्रीमती लीना चौधरी, जिले के समस्त परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, डीसी एवं बीसी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनोद परस्ते ने शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूर्ण ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं से संबंधित वास्तविक एवं सही आंकड़े समय पर प्रस्तुत किए जाएं तथा किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाई न जाए। उन्होंने पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने सेक्टर के अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें, जिससे केंद्रों का संचालन सुचारु रूप से हो सके। साथ ही उन्होंने पोषण ट्रैकर ऐप सहित अन्य आवश्यक जानकारियों को समय पर अद्यतन कराने तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी संचालन, हितग्राहियों तक समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने तथा महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और विकास से जुड़े कार्यक्रमों को और अधिक सशक्त बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: 31 जुलाई तक कराएं खरीफ फसलों का बीमा, प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगा सुरक्षा कवच
मंडला, 9 जुलाई 2026
खरीफ मौसम 2026-27 में किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से समय-सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा कराने की अपील की है, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके।
कृषि विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। इस योजना के माध्यम से सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, जलभराव तथा अन्य प्राकृतिक कारणों से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई की जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित रखना तथा कृषि कार्य में होने वाले जोखिम को कम करना है।
जिले में खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए अधिसूचित फसलों का बीमा कराया जा रहा है। जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण लिया है, वे भी स्वैच्छिक आधार पर योजना में शामिल हो सकते हैं। वहीं गैर-ऋणी किसान भी निर्धारित प्रीमियम जमा कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
कृषि विभाग ने बताया कि किसान अपने नजदीकी बैंक शाखा, सहकारी समिति, कॉमन सर्विस सेंटर अथवा क्रॉप इंश्योरेंस ऐप और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी बीमा करा सकते हैं। बीमा प्रस्ताव के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज तथा बोई गई फसल का विवरण प्रस्तुत करना होगा।
विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते बीमा की प्रक्रिया पूरी करें, जिससे तकनीकी अथवा अन्य कारणों से किसी प्रकार की असुविधा न हो। कृषि अधिकारियों ने बताया कि फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है।
कृषि विभाग ने सभी कृषकों से अपील की है कि वे 31 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराएं और शासन द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त करें।

