मुक्की, 19 सितंबर 2026:
कान्हा टाइगर रिजर्व में पर्यटन को अधिक ज्ञानवर्धक, अनुशासित एवं प्रकृति-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से मुक्की एवं खापा प्रवेश द्वार के गाइडों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। 18 एवं 19 सितंबर 2026 को मुक्की में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 64 गाइडों ने हिस्सा लिया।
जैव विविधता और वन्यजीव व्यवहार की समझ
प्रशिक्षण में गाइडों को कान्हा की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों की प्रामाणिक जानकारी पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया गया। पुणे से आए श्री अनुज खरे एवं उनकी टीम ने कीट-पतंगों, तितलियों, पक्षियों, तथा शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की पहचान, उनके व्यवहार और पारिस्थितिक महत्व पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
फील्ड विजिट में समझी घास और बारहसिंगा के रहवास की विशेषताएं
प्रशिक्षण के दौरान गाइडों को क्षेत्र भ्रमण (फील्ड विजिट) पर ले जाया गया, जहां उन्हें कान्हा में पाई जाने वाली विभिन्न घास प्रजातियों और दुर्लभ बारहसिंगा के प्राकृतिक रहवास की व्यावहारिक समझ दी गई। गाइडों को बताया गया कि वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय वनस्पतियों और रहवास का क्या योगदान होता है।
अनुशासित और संवेदनशील पर्यटन पर ज़ोर
कार्यक्रम में पर्यटन नियमों के कड़ाई से पालन, वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और पर्यटकों को सटीक जानकारी देने पर विशेष बल दिया गया। गाइडों को संरक्षण के उद्देश्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने किया मार्गदर्शन
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उप संचालक (कोर) श्री प्रकाश वर्मा, सहायक संचालक (हालोन व फेन) एवं परिक्षेत्र अधिकारी (मुक्की) उपस्थित रहे। अधिकारियों ने गाइडों से सीखे गए ज्ञान को अपने दैनिक कार्य में अपनाने और पर्यटकों को पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
