कान्हा टाइगर रिजर्व कार्यालय परिसर में आज दिनांक 11 सितम्बर, 2026 को राष्ट्रीय वन शहीद दिवस श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वन शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में श्री प्रकाश कुमार वर्मा, भा.व.से., उप संचालक, श्री आशीष कुमार पाण्डेय, सहायक संचालक (सिझौरा), श्री वीरेन्द्र कुमार जामोर, सहायक संचालक (फेन) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण, कान्हा टायगर रिजर्व उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने वन शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पण को स्मरण किया।
कान्हा टाइगर रिजर्व में आज पर्यन्त कुल 7 वन शहीदों ने वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा तथा विभागीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया है:
*स्वर्गीय श्री भगवान प्रसाद पटेल, वनरक्षक, कोपेडबरी कैंप, किसली परिक्षेत्र*
*स्वर्गीय श्री चंदन लाल बाकट, वनरक्षक, सौंफ बीट*
*स्वर्गीय श्री रविभान सिंह ठाकुर, वनरक्षक, छवारीघाट कैंप, सूपखार परिक्षेत्र*
*स्वर्गीय श्री लखन सिंह मरावी, अग्नि सुरक्षा श्रमिक, कान्हा परिक्षेत्र*
*स्वर्गीय श्री पोथीराम यादव, स्थायीकर्मी, भैसानघाट परिक्षेत्र*
*स्वर्गीय श्री समरत सिंह मरावी, स्थायीकर्मी, कान्हा परिक्षेत्र*
*स्वर्गीय श्री सुखदेव सिंह परते, आकस्मिक सुरक्षा श्रमिक, मुक्की परिक्षेत्र*
इन वन शहीदों ने विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए वन, वन्यजीव एवं प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। उनके साहस, कर्तव्यपरायणता एवं त्याग की स्मृति आज भी कान्हा टाइगर रिजर्व के प्रत्येक वनकर्मी को अपने दायित्वों के प्रति समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देती है।
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर कान्हा टाइगर रिजर्व परिसर में स्वर्गीय श्री लखन सिंह मरावी के आश्रित परिवार को ‘कान्हा परिवार’ की ओर से ₹1,15,000/- (एक लाख पंद्रह हजार रुपये) की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त, भोपाल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भी स्वर्गीय श्री लखन सिंह मरावी के आश्रित परिवारों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित करते हुये अनुग्रह राशि प्रदान की गई।
इस अवसर पर वन शहीद के परिवार के प्रति विभाग की संवेदनशीलता एवं सम्मान व्यक्त करते हुए यह संदेश दिया गया कि वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वनकर्मियों के परिवार सदैव विभाग के सम्मान एवं सहयोग के केंद्र में रहेंगे।
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस वन विभाग के उन जांबाज कर्मियों को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने वन संरक्षण के लिए अपने जीवन का सर्वाेच्च बलिदान दिया। वन क्षेत्रों में गश्ती, अवैध शिकार एवं वन अपराधों की रोकथाम, अग्नि सुरक्षा तथा मानव-वन्यजीव द्वंद्व की परिस्थितियों में कार्य करते हुए वन अमला अनेक जोखिमों का सामना करता है।
कान्हा टाइगर रिजर्व के वन शहीदों का बलिदान यह संदेश देता है कि वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा केवल एक शासकीय दायित्व नहीं, बल्कि प्रकृति और भावी पीढ़ियों के संरक्षण का संकल्प भी है। उनके त्याग और समर्पण को सदैव सम्मान के साथ स्मरण किया जाएगा।
मध्यप्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के दौरान अब तक कुल 62 वन शहीदों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है। राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर कान्हा टाइगर रिजर्व सहित पूरे प्रदेश के इन वीर वनकर्मियों के साहस एवं बलिदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने वन शहीदों की स्मृति को अक्षुण्ण रखते हुए वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया।
