मंडला, 4 नवम्बर 2026
जिले में फसल अवशेष प्रबंधन को प्रोत्साहित करने तथा नरवाई जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के उद्देश्य से 3 नवंबर 2026 को ग्राम कोरगांव स्थित सीबीजी प्लांट में नरवाई प्रबंधन कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। अमित बायोग्रीन सॉल्यूशंस के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि अभियांत्रिकी एवं कृषि विभाग के सहयोग से जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के बड़ी संख्या में कृषकों ने सहभागिता की।

कार्यशाला के दौरान किसानों को सीबीजी प्लांट का भ्रमण कराकर उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। साथ ही नरवाई प्रबंधन में उपयोगी बेलर एवं हे-रैक मशीन की कार्यविधि समझाई गई तथा बेलर मशीन का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया। किसानों को बताया गया कि आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेषों का संग्रहण कर उनका उपयोग वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकता है।

प्लांट संचालक श्री दिनेश पोपटानी एवं एग्रीगेटर श्री रितेश राय ने जानकारी दी कि ग्राम कोरगांव स्थित सीबीजी प्लांट में धान, गेहूं एवं मक्का की नरवाई के बंडल 1.5 से 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदे जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त नेपियर घास, गोबर एवं मक्का को साइलेज के रूप में भी उचित मूल्य पर क्रय किया जा रहा है। इससे किसानों को फसल अवशेषों के उचित उपयोग के साथ अतिरिक्त आय का अवसर भी उपलब्ध हो रहा है।

इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री अश्विनी झरिया, सहायक कृषि यंत्री मंडला श्री शोभित ठवरे एवं उपयंत्री श्रीमती भावना मरावी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों को नरवाई में आग नहीं लगाने तथा फसल अवशेषों का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही आधुनिक कृषि यंत्रों एवं उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्थाओं को अपनाकर नरवाई का सदुपयोग करने की अपील की।

