मंडला जिले की जनपद पंचायत निवास की ग्राम पंचायत भानपुर बिसौरा का है पूरा मामला
जहाँ पर सरपंच/सचिव द्वारा किये गए 19 लाख 97 हजार 8सौ 91 रूपये का घोटाला प्रामाणिक दस्तावेजों के सांथ खुलासा किया जा चूका है।
मामला जो की आज से 3 साल पूर्व का है। लेकिन आज भी उच्चअधिकारीयों द्वारा मामले को गंभीरता के सांथ नहीं लेते हुये कोई करवाई नहीं की गई।
वहीं ग्रामीणों की माने तो इन का कहना है की हमारे द्वारा कोई भी ऐंसा कार्यालय नहीं होगा जहाँ पर न्याय के लिये हमने अधकारियों के दरवाजे ना खट खटये हों। लेकिन जनपद से लेकर जिले तक के किसी अधिकारी ने नहीं सुनी जिससे अब भी पंचायत में भ्र्ष्टाचार जारी है।
यही नहीं बल्कि इस मामले को अनेकों बार विकासखंड मुख्यलय में लगने वाले जनसमस्या निवारण शीवर में भी जिला अधिकारीयों से मुलाक़ात कर प्रामाणिक दस्तावेजों की छाया प्रति के सांथ आवेदन दिया गया है। इतना तक की इस विषय को जिला कलेक्टर से लेकर जिला सीईओ कार्यालय में भी कागज दिये गये लेकिन कोई करवाई नहीं की गईं।
जबकि सरपंच द्वारा किये गए इस पुरे घुटाले का मामला तब सिद्ध हो गया ज़ब ग्रामीणों ने RTI लगते हुये। पंचायत द्वारा किये गये बिल बाउचर के सम्बन्ध जानकारी ली गई। जिसमे पता चला की ग्राम पंचायत द्वारा विभिन्न निर्माण कार्य में फर्जी बिल वाउचर लगा कर सरपंच द्वारा अपने नाम से राशि आहरण कर मनमाने ढंग से खर्च की गई। जिसके लिये ग्रामीणों ने तत्काल पंचायत में हुये भ्र्ष्टाचार की जाँच को लकर ग्रामीणों द्वारा 06/06/2018 को ग्राम के मुख्य बस स्टैंड में सड़क पर उतर कर धरना प्रदर्शन कर भूख हड़ताल की तब कंही जाकर जनपद पंचायत द्वारा गठित टीम के माध्यम से जाँच कराई गई। जिसमे सरपंच द्वारा किये गए लगभग 20 लाख रूपये की राशि का गवन होना पाया गया। इसे बाद भी अधिकारियों द्वारा भृष्ट सरपंच के ऊँपर कोई कार्यवाई नहीं की गई।
सरपंच/सचिव द्वारा किये गए अन्य भ्र्ष्टाचार।
इसी तरह नल-जल योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत मे शासन से प्राप्त 10 लाख रूपये की राशि ग्राम खमरिया,गढ़बिसौरा,एवं बिसौरा के लिये प्राप्त हुई थी। इसी तरह नल-जल योजना के लिये विधायक निधि से 4 लाख रूपये की राशि प्राप्त हुई थी। वह भी भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ गई। और लोग आज भी नल-जल योजना से वँचित है। ज्ञात हो की ग्राम भानपुर मे नरवादिया स्व:सहायता समूह की तत्कालीन अध्यक्ष एवं सरपंच द्रोपती सर्वटे के द्वारा बीज संग्रह केंद्र भवन का निर्माण ग्राम भानपुर मे शासन से प्राप्त राशि लगभग 2.लाख 85.हजार रूपये से कराया जाना था। किन्तु भवन की नींव तक नहीं रखी गई और पूरी राशि गवन कर दी गई। शिकायत जाँच के दौरान दोषी पाये जाने पर उक्त राशि अध्यक्ष/सरपंच के द्वारा नगद शासन के पक्ष मे जमा की गई। भ्र्ष्टाचार का और इस से बड़ा उदहारण नहीं हो सकता। इसी तरह आंगनवाड़ी भवन का निर्माण बिसौरा कुम्हार मोहल्ला मे विगत लगभग 10 वर्षों से चल रहा है। जो आज भी अपूर्णं हैं। जिसके चलते आंगनवाड़ी केंद्र के नन्हें -नन्हें बच्चे रंगमंच पर पढ़ने को मजबूर हैं। इसी तरह माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला मे पंचायत द्वारा शौचालय निर्माण कराया गया हैं। जो विगत 7 वर्षों अपूर्णं होने के चलते आज भी ताला लगा हैं। जिसके चलते छात्र-छात्राओं को यहाँ वहाँ शौच के लिये खुले मे भटकना पड़ता हैं। ऐंसे ही हाल हैं। प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना घर-घर शौचालय के नाम पर सरपंच द्वारा खुला भ्र्ष्टाचार किया गया हैं. जिसका जीता जागता उदाहरण आज भी अधूरे शौचालय के रूप मे देखे जा सकते हैं। निर्माण के नाम पर हितग्राहियों के नाम से लाखों रूपये आहरण कर भुकतान किया जा चूका हैं। किन्तु शौचालय मे कंही दीवाल नहीं हैं। तो कंही छप्पर नहीं हैं। तो कंही गढ्ढा ही नहीं। शौचालय के गढ्ढा ढकने हेतु पंचायत द्वारा चीपें दरवाज़े एवं अन्य समग्री मंगाई गई थी। जो आज भी दबँग मेंबरों के यहां पर रखी हुई है। जिसका उपयोग निजी तौर पर किया जा रहा है।
यही नहीं वल्कि ग्राम में लगभग 2 सालों से अधूरा पड़ा शमशान घाट का निर्माण कर ज़ब पूर्ण करया गया। ज़ब ग्रामीणों इस विषय को लेकर आवाज उठाना चालू कर दिया यही नहीं वल्कि 2 सालों के बाद भी ज़ब इसे पूर्ण किया गया तो किसी तरीके से शमशान घाट पर पुरानी चदर डाल कर उसे भी इतिश्री कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है की।
हमारे द्वारा ग्राम पंचायत में हुए इन सभी भृष्टाचारों को लेकर के अनेकों बार धरना प्रदर्शन किया जा चुका है। एवं पुनः उक्त भ्रष्टाचार को देखते हुए जनता में रोष व्याप्त है। ग्रामीण जन कभी भी उग्र आंदोलन करने के लिये लामबंद हो रहे है।
