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आशा, ऊषा और आशा सहयोगिनी संघ ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

प्रति

 

मिशन संचालक महोदया

 

दिनांक 04|12|2021

 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश

 

भोपाल।

 

द्वारा कलेक्टर महोदय सीएमएचओ महोदय, जिला मुडला

 

विषय:- 1000 रु. एवं 500 रुपये का कोविड राशि को बंद करने का निर्णय वापस लेने, वैक्सीनेशन

 

ड्यूटी की राशि का भुगतान करने, एनएचएम के प्रस्ताव के आधार पर वेतन दिये जाने के संबन्ध में संदर्भ:- कोविड राशि बंद किये जाने के विरोध में आशा, शहरी आशा एवं सहयोगियों की

 

प्रदेशव्यापी हडताल

 

महोदया

 

अपने विभागीय कामों के अतिरिक स्वास्थ्य विभाग के सभी अभियानों को संचालित करने में आशा ऊषा आशा सहयोगी लगातार काम कर रही है। कोविड महामारी के संक्रमण के दौरान आशा, शहरी आशा एवं सहयोगियों ने अपनी जानको जोखिम में डालकर काम किया और कई आशाओं ने जान भी गंवायी। मध्य प्रदेश में आशा एवं सहयोगियों के काम को सभी ने सराहा भी। जैसा आपको मालूम है कि देश भर में समाम राज्य सरकारें आशा एवं सहयोगियों को अतिरिक्त दे रही है, लेकिन दुर्भाव की बात है कि मध्य प्रदेश की आशाओं को राज्य सरकार कुछ भी नहीं दे रही है, जिसके चलते आशाओं को स्थिति बेहद दयनीय बनी हुयी है।

 

इस बीच अचानक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा कोविड 19 अभियान के लिये आशा एवं सहयोगियों को दिये जा रहे 1000 एवं 500 रुपये (33:33 रुपये एवं 16.66 रुपये दैनिक) की राशि को बंद कर दी गयी है। एनएचएम को यह कार्यवाही बेहद अन्यायपूर्ण है। मध्य प्रदेश में जहां आशाओं को बेहद अल्प वेतन (स्टीन इंसेन्टिटव) मिल रहा है, सह अत है। एक तरफ सरकार एवं विभाग के अभियानों को पूरा करने के लिये कोविड वैक्सीनेशन एवं इससे सम्बन्धित सर्वे के काम में सुबह 7-8 बजे से लेकर रात्री 9-10 बजे तक आशा, शहरी आशा एवं सहयोगियों द्वारा काम किया जा रहा है। ठीक उसी समय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा दिये जा रही इस अल्प राशि को भी बंद करने का यह कदम आशा एवं सहयोगियों के साथ बेहद अन्यायपूर्ण कार्यवाही की है।

 

संकट के समय जब लगभग सभी जिम्मेदार लोग सुरक्षित स्थानों में रह कर काम कर रहे थे, वहीं आशा, शहरी आशा एवं ने अपनी जान को जोखिम में डाल कर अपने बच्चों एवं परिवार की देखभाल की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियों विभाग एवं समाज की बेहतरी के लिये लोगों की स्वास्थ्य की रक्षा के लिये आम लोगों की जान बचाने और कर रही है। वॅक्सीनेशन ड्यूटी में आज भी आशारों देर रात तक सर्वे कर रही है। लेकिन उनके द्वारा तो सही ढंग से गणना की जा रही है और न ही उसका भुगतान ही किया जा रहा है। ऐसे में कोविड सूचना विभाग ने ढंग से वायरल को वह भी बेहद चिंताजनक व आपतिजनक है। का न्यूनतम वेतन 1135 मामिक (424 रु दैनिक) हैं. लेकिन कर्मचारियों

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