मण्डला। जल-जीवन मिशन योजना के अंतर्गत जनभागीदारी से भी काम कराये जा सकते हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री केएस कुशरे ने बताया कि आदिवासी हरिजन बाहुल्य बसाहटों में 5 प्रतिशत की जनभागीदारी और सामान्य बसाहटों में 10 प्रतिशत की जनभागीदारी से जनजीवन मिशन योजना के प्रकरण तैयार किये जा रहे हैं ग्राम जल स्वच्छता समिति के प्रस्ताव पर योजना तैयार कराई जा रही है। नवीन योजना को लेकर विभाग कार्य कर रहा है। जनभागीदारी में खास बात यह है कि स्थानीय ग्रामीण लेवर या सामग्री के माध्यम से भी जनभागीदारी कर सकते हैं और जनभागीदारी की राशि समिति के खाते में ही जमा होगी। वहीं नवीन योजनाओं को तैयार करने का कार्य किया जा रहा है जिले के ऐसे ग्राम मजरें टोले जहॉ पर पेयजल का संकट बना रहता है वहॉ के स्थानीय निवासी जनभागीदारी से भी अपने क्षेत्रों में कार्य करा सकते हैं इस योजना में खास बात यह है कि इसमें मजदूरी या सामग्री के माध्यम से भी स्थानीय ग्रामीण अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। बता दें कि कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ के निर्देशन में पेयजल पूर्ति सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया जा रहा है जलस्त्रोतों में जो भी समस्या आ रही हैं। उसका तत्काल निराकरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत में चल रही नल-जल योजनाओं पर निगरानी की जा रही हैं। वहीं नवीन योजनाओं का कार्य भी आरंभ किया गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जिले में पेयजल पूर्ति बनाने को लेकर लगातार काम कर रहा हैं मिली जानकारी अनुसार जिले मेंं 9 हजार 407 हेण्डपम्प हैं जिनका संधारण नियमित रूप से किया जा रहा हैं। इन हेण्डपम्पों में दवा आदि डाली जा रही हैं इन हेण्डपम्पों का पानी नागरिक पीने और निस्तार के लिए कर रहे हैं वहीं जिले में 447 नल-जल योजना संचालित हैं जिनकी देखरेख ग्राम पंचायतों के द्वारा की जा रही हैं। पेयजल को लेकर शिकायत मिल रही हैं। वहॉ की व्यवस्था पर सुधार कर पेयजल पूर्ति की जा रही हैं। ग्रीष्म ऋतु में पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित रहे जिस हेतू हेण्डपम्पों संधारण एवं नलजल योजनाओं के संचालन-संधारण हेतु जिला स्तर में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है।
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