मण्डला 10 जून 2021
किसान कल्याण तथा कृषि विकास से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदेश में अनुदानित उर्वकों के विक्रय हेतु डीबीटी योजना लागू की गई है, जिसके अंतर्गत उर्वरकों का विक्रय पीओएस मशीन अथवा डेस्कटॉप वर्जन अथवा मोबाईल एप्लीकेशन का उपयोग करते हुए किया जाना अनिवार्य है। वर्तमान में कोविड-19 से बचान हेतु सोशल डिस्टेंशिंग के मापदण्डों को पालन कराने पर बायोमेट्रिक आधारित आधार एथेंटिकेशन में समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थति में कृषक के आधार पंजीयन हेतु रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर में ओटीपी विकल्प का उपयोग कराते हुए आधार एथेंटिकेशन के द्वारा उर्वरक विक्रेता द्वारा अनुदानित उर्वों का विक्रय उपस्थित कृषक को किया जा सकता है।
उपसंचालक ने कहा है कि यदि किसान स्वयं न जाकर किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से उर्वरक क्रय करा रहा है, तो ऐसी स्थिति में पीओएस पर उपलब्ध सुविधा ’’सेल्फ या अदर’’ का उपयोग किया जाना चाहिए, जिसमें किसान एवं सम्बंधित व्यक्ति जो उर्वरक क्रय हेतु उपस्थित हुआ है, दोनो के आधार पहचान संख्या की प्रविष्ट की जायेगी तथा उस क्रेता व्यक्ति के रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा, जिसका उपयोग कर पीओएस से बिना बायो-मैट्रिक एथेंटिकेशन के उर्वरक क्रय किया जा सकता है
