मण्डला 31 जुलाई 2021
कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचने सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा यही कोशिश की जा रही है कि हर गाँव और पंचायत में एक कोविड आइसोलेशन सेण्टर हो जिससे लोगों को अपने गांव से ज्यादा दूर न जाना पड़े। इसका उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मिल पाए। कम से कम समय में कोविड संक्रमित लोगों की पहचान हो पाए और उनके स्थिति पर निगरानी रखी जा सके। फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (एफईएस) संस्था द्वारा कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए, निवास एवं बिछिया विकासखंड में 30 जुलाई और 31 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी ने दोनों विकासखंड में कुल 95 गाँव के आशा को मेडिकल सेफ्टी किट वितरण किया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग भी दी गई। वितरित किट में ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर, सांइटिजेर, एन95 मॉस्क, ग्लव्स और फेस शील्ड साथ ही बिछिया और निवास सीएचसी के सहयोग के लिए कुल 40 पीपीई किट भी दिये गये। कार्यक्रम के दौरान निवास में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पैगवार और हिमांशु डीसीएम, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन उपस्थित थे। इसी प्रकार बिछिया में एसडीएम सुलेखा उइके और स्वास्थ्य विभाग से डॉ. मुकेश झारिया उपस्थित रहे।
