प्रति
महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी, भारत सरकार नई दिल्ली, महामहिम राज्यपाल महोदय जी, राजभवन भोपाल (म.प्र.) माननीय शिवराज सिंह चौहान जी. मध्यप्रदेश शासन भोपाल, (म.प्र.)
आदिवासियों / अनुसूचित जनजातियों के हितों एवं अधिकारों के उचित क्रियान्वयन के संबंध
में ज्ञापन सौंपने वावद।
विषय:
द्वारा:
जिला दण्डाधिकारी जिला मण्डला म.प्र. ।
उपरोक्त विषयान्तर्गत लेख है कि जनजातियों / आदिवासियों के विभिन्न हित अधिकारों एवं संरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर सर्व आदिवासी समाजिक संगठन मध्यप्रदेश एवं मध्यप्रदेश के सभी जनजाति सामाजिक संगठनों के सर्व सहमति से संवैधानिक अधिकार पद यात्रा 2021 निम्न बिन्दुओं पर निकाला गया है।
1. पेसा कानून 1996 की मसानुसार अक्षरशः लागू किया जाये, वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन द्वारा जो पेसा नियम बनाया गया है, उसमें आवश्यक संशोधन किया जाये ऐसा अधिनियम 1996 (Panchayats Extension to Scheduled Areas 1996) के नियम में आवश्यक संशोधन हेतु आदिवासियों की रूढीप्रथा हेतु बुध्दिजीवी लोगों को भी पैसा अधिनियम 1996 का नियम / मसौदा बनाने में सहयोग लिया जावे, जिससे मध्यप्रदेश में पैसा अधिनियम 1996 का सरलता से उचित क्रियान्वयन किया जा सके।
2 वन अधिकार मान्यता कानून 2006 के उचित क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर / तहसील / ब्लॉक / ग्राम पंचायत / ग्राम स्तर पर संबंधित विभागों के अधिकारी / कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं आम जनता के लिए प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के द्वारा सामुदायिक अधिकार फार्म (ख) सामुदायिक संसाधन फार्म (ग) हेतु कार्यशाला आयोजित किया जाये जिससे आम जनता प्रावधानों के बारे में जान सके, व्यक्तिगत अधिकार फार्म (क) के पात्र हितग्राहियों को शीघ्रता से वनाधिकार के पट्टे प्रदान किया जाये।
3. अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद् (TAC) के नियम में आवश्यक संशोधन कर अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद् का गठन कर उचित क्रियान्वयन पर जोर दिया जावे चूँकि यह एक संवैधानिक संस्था है।
4. अनूसूचित क्षेत्रों के लिए संविधान में प्रदत्त 5वीं अनुसूची का अनुसूचित क्षेत्रों में कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित किया जावे।
15. 5वीं अनुसूची क्षेत्रों में विस्थापन (बांध परमाणु विद्युत परियोजना, टाइगर परियोजना, अभ्यारण (खनिज) के नाम पर वर्षों से षडयंत्रपूर्वक विस्थापन किया जा रहा है जिसे पूर्णतः बंद किया जाना चाहिए। एवं प्रस्तावित परियोजना को तत्काल रद्द किया जाये एवं किसी भी तरह का विस्थापन में ग्राम सभा की सहमति / अनुमति को अनिवार्य किया जाये। एवं परियोजना को अनुसूचित क्षेत्रों में लगाने से पहले अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद् (TAC) एवं ग्राम सभा की सहमति को अनिवार्य किया जावे।
6. नीति आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि ट्राइबल सब प्लान (Schedule Tribe Companent) के तहत आवंटित राशि का उपयोग अनुसूचित जनजातियों के समग्र विकास के लिए ही करना है इसके बावजूद ट्राइबल सब प्लान की राशि षडयंत्र पूर्वक अन्य जगह पर खर्च किया जा रहा है जिसे तत्काल रोका जाये एवं ट्राइबल सब प्लान की आवंटित राशि का उपयोग अनुसूचित जनजातियों
7. विस्थापन से प्रभावित परिवार को उचित मुवाअजा प्रदान करने हेतु प्रभावित परिवार के सभी सदस्यों (व्यस्क अव्यस्क) पात्र मानते हुऐ राशि प्रदान किया जाये, विस्थापन के संदर्भ में प्रभावित परिवार की बात हो ऐसे में किसी तरह का शर्त ना रखा जाये।
18 जनजाति वर्ग के व्यक्तियों पर झूठे अपराधिक मामलों पर निस्पक्ष जाँच कर निर्दोषों को तुरंत रिहा किया जावे। 9. गोडी भाषा को 8वीं अनुसूची में सम्मिलित कर अनुसूचित जिलों में प्राथमिक स्तर पर गोंडी भाषा में
पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जावे।
