मण्डला 2 जनवरी 2022
क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को घातक होने से रोकने के लिए कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन आवश्यक है। कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए सम्मिलित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों से आग्रह किया कि वे लोगों को मॉस्क लगाने, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने तथा भीड़ वाले स्थानों पर न जाने की समझाईश देें। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में एनआईसी कक्ष से कलेक्टर हर्षिका सिंह, पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत, सीईओ जिला पंचायत सुनील कुमार दुबे, अपर कलेक्टर मीना मसराम, नगरपालिका उपाध्यक्ष गिरीश चंदानी सहित संबंधित उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना के प्रकरण पुनः बढ़ रहे हैं जो चिंता का विषय है। प्रतिबंध लगाने से लोगों को अनेक तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसलिए बेहतर है कि हम सावधानियां बरतते हुए कोरोना की तीसरी लहर को रोकने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश को थमने नहीं देना है। गाईडलाईन का पालन करते हुए हम काम भी करेंगे और कोरोना से भी लड़ेंगे। हम सब मिलकर तीसरी लहर से मुकाबला करेंगे और इसके लिए सबसे पहले जिला, विकासखंड, पंचायत और वार्ड स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट समितियों को पूरी ताकत से सक्रिय होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में समाजसेवी, धर्मगुरू, स्वयंसेवी संगठन, व्यापारी संगठन सहित अन्य संगठनों का सहयोग प्राप्त करें। वार्ड स्तर की कमेटी सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों की पहचान कर उनका आरटीपीसीआर जांच कराएं तथा पॉजीटिव पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उनके उपचार की व्यवस्था कराएं। कोई भी व्यक्ति सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षणों को न छिपाए। विकासखण्ड स्तर की समिति वैक्सीनेशन को प्रोत्साहित करे। विकासखण्ड स्तर पर बनने वाले कोविड केयर सेंटर को चिन्हित करें। साथ ही विकासखण्ड स्तर के अस्पताल की व्यवस्था देखें। इसी प्रकार जिला स्तर की समिति जिला स्तर पर कोविड केयर सेंटर का संचालन प्रारंभ कराएं तथा जिला चिकित्सालय की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप सेम्पलिंग सुनिश्चित की जाए। यदि कोई व्यक्ति पॉजीटिव मिलता है तो गंभीरता से कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करें तथा संपर्क में आए व्यक्तियों की तत्काल सेम्पलिंग करें। जाँच की रिपोर्ट 24 घण्टे के अंदर उपलब्ध कराएं। संक्रमित व्यक्ति के घर में यदि पर्याप्त सुविधाएं हैं तो उसे होम आईसोलेट करें। टेली कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से इसकी मॉनीटरिंग करें। फीवर क्लीनिक का संचालन प्रारंभ करें। अंतर्राज्जीय आवागमन वाले स्थानों पर टेस्टिंग की व्यवस्था रखें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शासकीय अस्पतालों में आईसीयू वार्ड, ऑक्सीजन बेड एवं आईसोलेशन बेड की व्यवस्था बनाकर रखें। कम से कम एक माह की दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। वेंटीलेटर एवं कन्सन्ट्रेटर आदि चालू हालत में रखें। ऑक्सीजन प्लांट चालू रखें। ऑक्सीजन की शुद्धता पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने निजी अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों की भी मैपिंग करें जिससे आवश्यकतानुसार उनका भी उपयोग किया जा सके। निजी अस्पताल उपचार पर मनमानी कीमत न वसूलें। उन्होंने निजी अस्पतालों से अनुबंध बढ़ाने के भी निर्देश दिए। श्री चौहान ने कहा कि जिला स्तर पर कोविड कंट्रोल एवं कमांड सेंटर तत्काल प्रारंभ करें। मोबाईल मेडीकल यूनिट एवं रेपिड रिस्पोंस टीम को सक्रिय करें। श्री चौहान ने लोगों से योग एवं प्राणायाम करने तथा संतुलित आहार करने का आव्हान किया।
मॉस्क न पहनना सामाजिक अपराध है
श्री चौहान ने कहा कि दूसरी लहर के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी रखें। उन्होंने जनसामान्य से मॉस्क लगाने, भीड़़ वाले आयोजन न करने, बार-बार हाथ धोने तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि मॉस्क को दिनचर्या का अंग बना लें। मॉस्क न पहनना सामाजिक अपराध है। मॉस्क न पहनने वाला व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी खतरे में डाल सकता है। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को भी कोविड गाईडलाईन का पालन करने प्रेरित करें। मॉस्क नहीं तो सामान नहीं तथा मॉस्क नहीं तो बात नहीं के फॉर्मूले को प्रभावी बनाएं।
15 से 18 वर्ष के बच्चों का वैक्सीनेशन युद्ध स्तर पर कराएं
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 3 जनवरी से 15 से 18 वर्ष के बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाना है। इसके लिए क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के सदस्यों का सहयोग प्राप्त करते हुए सकारात्मक माहौल तैयार करें। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए शाला स्तर पर सेशन आयोजित करें। उन्होंने आव्हान किया कि 15 से 18 वर्ष के बच्चों का वैक्सीनेशन का कार्य युद्ध स्तर पर करें।
