मण्डला 18 जनवरी 2022
जिले के समस्त शासकीय हाई एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण 6 से 18 जनवरी तक शासकीय रानी अवंती बाई कन्या उमावि मण्डला विद्यालय के सभागार में संपन्न हुआ। जिले के समस्त विद्यालयों की एसएमडीसी समिति के समस्त शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों का दो दिवस प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिसमें प्रथम दिवस प्राचार्य (अध्यक्ष) एवं समिति के समस्त अशासकीय सदस्य उपस्थित हुए एवं द्वितीय दिवस सचिव (वरिष्ठ अध्यापक) एवं शासकीय सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में लगभग कुल 2863 प्रशिक्षणार्थी लाभान्वित हुए। प्रशिक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता बर्वे, सहायक संचालक एम0एस0 सिन्द्राम, एपीसी मुकेश पाण्डेय, बीईओ शैलेन्द्र मालवीय, करियर मार्गदर्शक कृति सिंघई व मास्टर ट्रेनर सुभाष चंद्र चतुर्वेदी प्राचार्य हाईस्कूल घाघा, संजय मालवीय प्रधानाध्यापक मा0शा0 बम्हनी बंजर, अखिलेश उपाध्याय उत्कृष्ट विद्यालय मण्डला, संजय सिंगौर हाईस्कूल तिलई, शक्ति पटेल हाईस्कूल मांद एवं गायत्री शुक्ला हाईस्कूल बिंझिया द्वारा जिले के समस्त विकासखंडों के 214 शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग सुमित कुशवाहा, इकबाल खान, अंकुश चौरसिया एवं पुलकित यादव का रहा।
प्रशिक्षण के मुख्य बिन्दु – जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता बर्वे ने एसएमडीसी से विद्यालय विकास हेतु अपेक्षाओं से अवगत कराया। सहायक संचालक माखन सिंह सिन्द्राम ने प्रशिक्षण के दौरान विद्यालय और प्रबंधन के अन्तर्सम्बन्ध पर चर्चा कर योजनाओं पर प्रकाश डाला। एपीसी समग्र शिक्षा मुकेश पाण्डेय ने शाला प्रबंधन के अंतर्गत वित्तीय प्रबंधन तथा वार्षिक कार्य योजना तैयार करने की विधि से प्रशिक्षार्थियों को अवगत कराया। नवीन शिक्षा सत्र में लागू की जा रही एक शाला एक परिसर व्यवस्था के माध्यम की शिक्षण व्यवस्था पर उन्होंने फोकस किया। कोरोना से बचाव हेतु विद्यार्थियों के वेक्शीनेशन हेतु कलेक्टर के निर्देशों से अवगत कराया। जिले में स्थापित किए गए 3 वोकेशनल हब के संचालन पर भी उन्होंने चर्चा की। कृति सिंघई कौशल विकास जिला पंचायत मण्डला द्वारा प्रशिक्षण में कहा गया कि विद्यार्थियों की अभिरुचियों एवं अभिक्षमताओं को पहचानकर उनका व्यावसायिक उन्नयन किया जाना चाहिए। व्यावसायिक शिक्षा के महत्व को छात्र एवं अभिभावकों तक पहुंचने पर उन्होंने फोकस किया। सुभाष चतुर्वेदी प्राचार्य हाईस्कूल घाघा द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और विद्यालय प्रबंधन पर चर्चा करते हुए अवगत कराया गया कि शिक्षक को विद्यार्थियों के कौशलों का विकास करना चाहिए। विद्यालय प्रबन्धन और अधोसंरचना विकास पर अशासकीय सदस्यों की महत्ता पर आपने प्रकाश डाला। संजय मालवीय माध्यमिक शाला बम्हनी बंजर द्वारा शाला की अधोसंरचना के विकास से संबंधित आयामों पर चर्चा की गई। ड्राप आऊट विद्यार्थियों को शिक्षा से कैसे जोड़ा जाए, शिक्षकों और अशासकीय सदस्यों के दायित्वों, शाला में स्वच्छता एवं आनंदमय वातावरण तैयार करने संबंध में चर्चा की गई।
अखिलेश उपाध्याय उत्कृष्ट विद्यालय मण्डला ने प्रशिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन एवं करियर के नए अवसरों के प्रति विद्यार्थियों को प्रेरित करने के संबंध में चर्चा की। एसएमडीसी समितियों के कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को किस तरह से विषय चयन की स्वतंत्रता होगी। सभी विषयों से संबंधित डोमेन और उनके भावी अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। संजय सिंगौर हाईस्कूल तिलई ने जीवन कौशल के अंतर्गत सभी दस आयामों का विस्तार से वर्णन करते हुए समझाया कि किस तरह से विद्यार्थियों में ये सभी गुण विकसित किए जाने चाहिए। आपदा प्रबंधन पर उन्होंने अपने वक्तव्य में चर्चा किया। आपदाओं से बचाव के लिए विभिन्न उपायों और जागरूकता पर उनके द्वारा चर्चा की गई। शक्ति पटेल हाईस्कूल मांद ने प्रशिक्षण में बताया कि विद्यार्थियों को करियर के लिए अभी से ही तैयार करने की आवश्यकता है। स्कूली पाठ्यक्रम पर आधारित अवधारणाओं को कैसे समझाया जाए इस पर उन्होंने प्रकाश डाला। उन्होंने करियर मार्गदर्शन के लिए विकसित किए गए एमपी एस्पायर पोर्टल और आइसीएस करियर जीपीएस पोर्टल की कार्यप्रणाली के बारे में प्राचार्यों और शिक्षकों को अवगत कराया। जिला स्तर पर तैयार की जा रही ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी को भी छात्रों से हल कराने का आग्रह उन्होंने किया ताकि विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी स्कूली समय से ही कर सकें। गायत्री शुक्ला हाईस्कूल बिंझिया द्वारा उमंग किशोर हेल्प लाईन तथा किशोर विद्यार्थियों की समस्याओं के निवारण संबंधित जीवन कौशल कार्यक्रम के सत्रों के संचालन पर चर्चा की। उन्होंने समझाया कि विद्यार्थी के द्वारा किसी भी समस्या से ग्रसित होने पर वे 14425 पर कॉल करके मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। कार्यशाला में प्राचार्य रानी अवंती बाई जयलक्ष्मी सोनी, प्रवीण वर्मा, देवेंद्र दुबे अरविंद यादव, शिवराज पटैल, अभिषेक चौधरी, जितेन्द्र सिंगौरे का सहयोग रहा।
