मंडला, 31 मार्च 2026
मंडला में आदर्श बाल गृह में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत बाल देखरेख संस्था में सीएनसीपी बालकों के प्रवेश के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य मंडला जिले में 18 वर्ष की आयु तक के ऐसे बच्चे जिन्हें संस्थागत देखरेख की आवश्यकता है, का चिन्हांकन कर बाल देखरेख संस्था में प्रवेश दिलाना है।
इस कार्यशाला में 46 प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिनमें जिले में बाल संरक्षण के लिए कार्यरत संस्थाओं, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला बाल विकास विभाग में इम्पैनल सपोर्ट पर्सन और आदर्श बाल गृह के कर्मचारी शामिल थे। प्रतिभागियों को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन, बाल अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधानों और देखरेख और संरक्षण के जरुरतमंद बालक और उनके संस्थागत देखभाल प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
बाल कल्याण समिति भारत में किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत गठित एक स्वायत्त संस्था है, जो उन बच्चों से संबंधित शिकायतों को संभालने और हल करने के लिए है जो या तो त्याग दिए गए हैं, अनाथ हैं, माता-पिता द्वारा स्वेच्छा से दिए गए हैं, या खो गए हैं और जिन्हें विकास, सुरक्षा, उपचार, विकास और पुनर्वास से संबंधित मुद्दों पर देखभाल की आवश्यकता है।
