Reva India News
ब्रेकिंग न्यूज़मंडला हमारा जिला

*”शासकीय हाई स्कूल रैवाडा बना राजनीति का अखाड़ा जवाबदार अधिकारी देख रहें तमाशा”*

*ज्ञापन सौपने स्कूली बच्चों का इस्तेमाल आखिर किसकी शह पर जबावदार अधिकारी क्यों नहीं कर पा रहे हैं प्रभारी पर कार्रवाई*

*अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के छात्रों को दर दर भटकना पड़ रहा है बार बार शिकायत होने पर भी प्रभारी प्राचार्य से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों की राशि वापस कराने अधिकारियों की रूचि नहीं*

*आर्थिक अनियमितता पर लीपापोती करने का प्रयास होना संदेहास्पद*

*”विगत लम्बे समय से शासकीय हाई स्कूल रैवाडा शिकायतों की तनातनी से जूझ रहा है कभी छात्र छात्राओं व्दारा शिकायत तो कभी पालकों की असंतुष्टि जो अपने हक और भविष्य के लिए जरूरी भी है लेकिन मैदान में कुछ संगठन भी नजर आने लगे हैं आखिर ये सब हो कैसे रहा है स्कूल सरकारी सिस्टम से चल रहा है या राजनीतिक दलों से समझ से परे है और आखिर हमारा सरकारी सिस्टम कर क्या रहा है निष्पक्ष जाँच कराने से जवाबदार अधिकारी बच क्यों रहे हैं क्या अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बना हुआ है जिससे उचित कदम उठाने से सकुचा रहे हैं हालात पर नजर डाला जाये तो पूरा मामला राजनीति से प्रेरित लग रहा है जैसे ही शिकायत अधिकारियों से होती है जांच तो दूर एकाएक राजनीतिक दल से संबंधित संगठन मैदान संभालते नजर आने लगते हैं ज्ञापन का दौर शुरू हो जाता है क्या इन सब में जवाबदारों की सहभागिता नजर नहीं आती है कभी ज्ञापन का दौर तो कभी बीडियों का वायरल होना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं तो और क्या है”*
*जिले के जबावदार अधिकारियों को समय रहते निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करना चाहिए यदि बच्चों को गुमराह कर कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर प्रभारी के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना,अधिक फीस वसूलना और छूट प्राप्त छात्रों की राशि वापस न करने की शिकायत की गई है तो छात्रों की भांति पालकों को किसने गुमराह किया पालको ने भी लगभग वही शिकायत कैसे की जो छात्रों ने की आखिर मामले में कोई तो बात है जिसे संरक्षण देना गलत है स्थिति को देखते हुए पक्षपात से दूर अधिकारियों को समय पर पालको की उपस्थिति में निष्पक्ष जांच करा लेना चाहिए जिससे स्कूल में शांति और सद्भाव का महौल बना रहे शिक्षा राजनीतिक महौल से दूर होना ही उचित होगा तभी बच्चें अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं मालूम हो 3 दिसम्बर 2021 को शासकीय हाई स्कूल रैवाडा के छात्रों व्दारा सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग को प्रभारी प्राचार्य के विरुद्ध अनियमितता को लेकर लिखित शिकायत की गई थी जब जांच नहीं हुई तो पुनः छात्रों के अभिभावकों ने 4 जनवरी 2022 को शिकायत की जिसकी जांच अभी भी लंबित है मालूम होवे फीस वापसी का मामला अकेला रैवाडा तक सीमित नहीं है लगभग हर स्कूल की शिकायत है जहाँ संस्था प्रमुख ऐसी राशि को हड़पने की फिराक में नजर आ रहे हैं फीस की अंतिम तिथि 31 सितम्बर थी तब से आज जनवरी तक वह राशि वापस नहीं हुई है जबकि अंतिम तिथि के बाद तत्काल वापस कर देना होता है चार माह तक राशि संस्था प्रमुख किस वजह से रखते हैं जांच का विषय है*
*”संजय तिवारी ब्यूरो बुलंद आवाज”*

Related posts

पीएचई मंत्री संपतिया उइके ने रपटाघाट में किया श्रमदान

Reva India News

रेवा इंडिया न्यूज़ मुख्य समाचार मंडला 18 नवंबर 2023

Reva India News

ग्राम पंचायत तिलरी लाड़ली उत्सव मनाया गया

Reva India News

Leave a Comment