एमपीपीएससी की निःशुल्क ऑफलाईन कोचिंग के संबंध में जानकारी
मण्डला 26 फरवरी 2023
प्राप्त जानकारी के अनुसार म.प्र. लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा के निःशुल्क ऑफलाईन कोचिंग के लिए शासकीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र जबलपुर में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिये निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु आवेदन आमंत्रित किये गए हैं। आवेदक अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के सदस्य एवं म.प्र. के मूल निवासी हों तथा आवेदक के परिवार के सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय 6 लाख से अधिक ना हो तथा न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष एवं 35 वर्ष हो। आवेदक ने पूर्व में किसी भी परीक्षा को प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षण न लिया हो।
आवेदन के लिए कुल 50 सीट हैं जिसमें 50 प्रतिशत महिला वर्ग के लिए रहेंगी। चयन का आधार स्नातक में प्राप्त मेरिट होगा। प्रशिक्षण का माध्यम हिन्दी होगा तथा छात्रावास सुविधा उपलब्ध नही है। आवेदक स्नातक परीक्षा में 55 प्रतिशत या अधिक होने पर मूल टी.सी एवं अन्य आवश्यक अभिलेख जमा करने पर नियमानुसार आवास सहायता राशि 2 हजार रूपए एवं छात्रवृत्ति राशि 500 रू. प्रतिमाह उपस्थिति के आधार पर देय होगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2023 है तथा प्रशिक्षण 1 मार्च 2023 से आरंभ होगा।
उपरोक्तानुसार आवेदक आवेदन पत्र के साथ हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी, स्नातक उत्तीर्ण की अंकसूची, 2 पासपोर्ट साईज फोटो, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, कोविड-19 का पूर्ण टीकाकरण का प्रमाण पत्र की स्व प्रमाणित छायाप्रति डाक द्वारा प्राचार्य शासकीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र (पेट्रोल पंप के पास कौशल विकास संचालनालय के बाजू में ग्वारी घाट रोड) रामपुर चौक जबलपुर पिन कोड-482008 कार्यालयीन पता अथवा व्यक्तिगत रूप से कार्यालयीन समय एवं दिवसों में कार्यालय में जमा कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि के पश्चात् प्राप्त आवेदन पत्र मान्य नही किये जाएंगें। अधिक जानकारी हेतु कार्यालय के दूरभाष नंबर 0761-2663471 एवं मोबाईल नम्बर 8889609588 पर कार्यालयीन समय एवं दिवसों मे सम्पर्क कर सकते हैं।

एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना: पोर्टल पर आवेदन करें
मण्डला 26 फरवरी 2023
सहायक संचालक उद्यान से प्राप्त जानकारी के अनुसार एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना व राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत घटक फसलोत्तर प्रबंधन के उपघटक प्याज भण्डार गृह 12 इकाई एवं पैक हाउस निर्माण हेतु 3 इकाईयों के जिले को लक्ष्य प्राप्त है। योजना अनुसार पैक हाउस में कम से कम 2 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन व प्याज भण्डार गृह हेतु सामान्य वर्ग के लिए 2 हेक्टेयर एवं अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के कृषकों हेतु 1.75 हेक्टेयर में प्याज की खेती करना अनिवार्य है। दिशा-निर्देश अनुसार इकाई स्थापना पर 50 प्रतिशत प्याज भण्डार गृह (50 एमटी) हेतु अधिकतम 1.75 लाख रूपये एवं पैक हाउस हेतु 2 लाख रूपये अनुदान देय होगा। योजना का लाभ लेने एमपीएफएसटीएस पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करना अनिवार्य है। अधिक जानकारी प्राप्त करने अपने विकासखण्ड स्तरीय वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, क्षेत्रीय ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों अथवा कार्यालय सहायक संचालक उद्यान जिला-मण्डला से संपर्क कर सकते हैं।

शासन की नवीन योजनाओं के लिए samas.mpoline.gov.in
मण्डला 26 फरवरी 2023
म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम भोपाल द्वारा वर्ष 2022-23 के लिये नवीन योजनाऐं डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना का जिले के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस संबंध में जिला अत्यांवसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित के कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना का लक्ष्य 43 निर्धारित किया गया है। योजना के तहत स्वरोजगार के लिए 10 हजार रूपए से 1 लाख रूपए तक का प्रावधान है। हितग्राही की आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य होनी चाहिए तथा वह आयकर दाता नहीं होना चाहिए। जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राही उक्त योजनाओं का लाभ लेने हेतु samas.mpoline.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित मण्डला में सम्पर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार आवास (ग्रामीण) योजना
मंडला 26 फरवरी 2023
मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो आवासहीन अथवा कच्चे, अर्धपक्के आवासों में निवासरत हैं, को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए, मुख्यमंत्री भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार आवास (ग्रामीण) योजना, 2013 सम्पूर्ण म.प्र. राज्य के ग्रामीण क्षेत्र (शहरी एवं नजूल बाह्य क्षेत्र को छोड़कर) लागू है।
पात्रता
आवासहीन, कच्चे, अर्द्धपक्के आवासों में निवासरत, ग्राम में रहने वाले, निरंतर 2 वर्षों से पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो निम्न शर्तें पूर्ण करते हों, इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं- जो इंदिरा आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना के अन्तर्गत आवास निर्माण हेतु अनुदान प्राप्त करने की पात्रता धारित न करते हों। जिनके परिवार के पास अधिकतम तीन हेक्टेयर कृषि भूमि हो अथवा जिनके परिवार की सभी स्त्रोतों से अधिकतम आय 3 लाख रूपए वार्षिक तक हो। जिनके पास उक्त कंडिका 6 में वर्णित अनुसार, आवास निर्माण के लिये पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। अथवा जो शासन से आवास हेतु भूमि प्राप्त करने की पात्रता रखते हैं। अथवा जो अपने स्वामित्व की कृषि भूमि में स्थित भू-खंड पर आवास निर्माण के इच्छुक हों। अथवा जो ग्राम की आबादी में भू-खंडधारक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की पात्रता रखते हैं। जो निर्धारित अभिन्यास में 225 वर्गफुट प्लिंथ एरिया का आवास निर्माण हेतु बैंक से ऋण प्राप्त करने तथा स्वयं का अंशदान श्रम, सामग्री, सम्मिलित रूप में प्रदान करने के लिए सहमत हों।
हितलाभ
चयनित हितग्राही को न्यूनतम 50 हजार रूपए के बैंक ऋण अनुदान की प्रतिपूर्ति मंडल द्वारा की जाएगी। यद्यपि बैंक द्वारा हितग्राही को न्यूनतम रूपये 50 हजार का ऋण स्वीकृत किया जाएगा, किन्तु हितग्राही की माँग पर, यदि बैंक चाहेगा तो हितग्राही की पुर्नभुगतान क्षमता का निर्धारण कर, पुनः भुगतान क्षमता के आधार पर, उक्त 50 हजार रूपए मात्र के ऋण के अतिरिक्त, अधिकतम 30 हजार रूपए मात्र का अतिरिक्त ऋण, उसे स्वीकृत कर सकेगा किन्तु इस अतिरिक्त ऋण स्वीकृति में राज्य शासन की कोई भूमिका नहीं होगी। मण्डल द्वारा देय अनुदान की राशि प्रत्येक प्रकरण में 50 हजार रूपए मात्र तक सीमित होगी। मण्डल के अनुदान की राशि मण्डल द्वारा जिला श्रम कार्यालयों को प्रदान की जायेगी जिसे जिला श्रम कार्यालय द्वारा लक्ष्य के अनुपात में जनपदों को उपलब्ध कराया जायेगा तथा जनपद द्वारा स्वीकृत ऋण प्रकरणों के आधार पर बैंकों को मांग अनुसार राशि उपलब्ध कराई जायेगी। पदाभिहित अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत है।

नर्मदा संरक्षण को लेकर निराहार परिक्रमा
माँ नर्मदा को जीवंत इकाई मानने का लिया संकल्प
पिछले 28 मार्च से सिर्फ नर्मदा जल पर
मण्डला। व्रत व उपवास हमनें एक दिवस दो दिवस या माह भर का सुना है लेकिन लगातार 28 माह से निराहार रहना यह तो सिर्फ चमत्कार ही माना जायेगा। नर्मदा मिशन के संस्थापक संत समर्थ गुरू जिन्हें दादा गुरू के नाम से उनके अनुयायी जानते हैं वे लगातार नर्मदा संरक्षण को लेकर नर्मद परिक्रमा पर हैं और पूरी तरह से आहार को त्यागा हुआ है। सिर्फ वे नर्मदा जल ही ग्रहण करते हैं वह भी दिन में एक या दो बार। माँ नर्मदा की उनकी अखण्ड परिक्रमा लगातार जारी है पूर्व में वे वाहन के माध्यम से परिक्रमा करते हुये नर्मदा तट पर रहने वालों को धेनु धरा और नर्मदा इनके संरक्षण के लिये जागरूक करते रहे हैं। उन्होंने लगातार माँ नर्मदा के तट पर लगे वृक्षों को सहेजने की बात कही उनका मानना है कि माँ नर्मदा के दोनों तट पर यदि वृक्ष नहीं होंगे तो फिर माँ रेवा की धारा भी हमें नजर नही आयेगी। इसीलिये माँ नर्मदा की सहायक नदियाें और तट के वृक्षों को सहेजना अत्यंत आवश्यक है।
वे लोगों से नर्मदा तटों पर वृक्ष लगाने की अपील करते लगातार नर्मदा परिक्रमा पर रहे हैं लेकिन इस बार उनका संकल्प और कठिन हो चला है। वे अब वाहन से नहीं पैदल नर्मदा परिक्रमा कर रहे हैं और इस दौरान तो उन्होंने अन्य वस्त्रों का भी त्याग कर दिया है और सिर्फ एक मात्र लंगोटी धारण कर रहे हैं। विगत 08 नवम्बर 2022 से जारी उनकी यह परिक्रमा अचरज में डालने वाली है। कड़ाके की ठण्ड में महज एक लंगोटी धारण किये दिनभर में सिर्फ दो समय नर्मदा जल के रूप में आहार ग्रहण करते रोजाना पैदल चलना लोगों के लिये नहीं वैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों के लिये भी हैरत में डालने वाली बात है।
दादा गुरू के साथ लगभग 150 और परिक्रमावासी चल रहे हैं यह पूरा काफिला कल रात मार्केण्डेय आश्रम मधपुरी पहुंचा जहां रात्रि विश्राम के उपरांत आज दिन में पूरा काफिला सूर्यकुण्ड धाम पहुंचेगा और परिक्रमा में शामिल लोगों का दोपहर का भोजन यहीं सूर्यकुण्ड में होगा तत्पश्चात परिक्रमा शाम को महाराजपुर संगम पहुंचेगी जहां सत्संग का आयोजन किया गया है। समर्थ गुरू भैया जी सरकार यहां सत्संग में शामिल होंगे और नर्मदा भक्तों से अपने संकल्प को लेकर चर्चा करेंगे। किस तरह हम सभी मिलकर माँ नर्मदा के आंचल को मैला होने से बचा सकते हैं दिनोंदिन सिकुड़ती माँ रेवा की धारा को कैसें वर्ष भर संरक्षित कर सकते हैं लगातार नर्मदा तटों के कटाव और दूसरी ओर मिट्टी के जमाव को रोक सकते हैं बरगी डेम बनने के बाद से नर्मदा जी में सिल्ट भी बड़ी मात्रा में जमती जा रही है उससे भी निजात पाना एक बड़ी समस्या है इन सबको लेकर दादा गुरू नर्मदा भक्तों से चर्चा करेंगे।

