मंडला, 19 अप्रैल 2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान की वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान में आध्यात्मिक महत्व वाली जल संरचनाओं का पुनरोद्धार करायें। जन आस्था से जुड़ी संरचनाओं के जीर्णोद्धार में आमजन को भी शामिल करें। प्राकृतिक जल स्त्रोतों को बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। नदियों का उद्गम स्थल यदि जीवित रहेगा तो नदी अविरल रहेगी हमें इस भाव को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रमुख नदियों में मिलने वाले गंदे नालों का चिन्हांकन करें, वर्षा काल में जिन स्थानों पर जल भराव की स्थिति उत्पन्न होती है, उन पर अभी से काम करें ताकि जलभराव न होने पाये। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों में जन प्रतिनिधियों को अवश्य शामिल करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गर्मी के समय नरवाई एक बड़ी समस्या बन रही है। इसके लिए लोगों को जागरूक करें, किसानों को वैकल्पिक साधनों से परिचित करायें। शासन-प्रशासन के काम से सुशासन की छवि दिखाई देनी चाहिए। सभी को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना है। आमजन को लू, गर्म हवाओं के कारण होने वाली बीमारियों और उनसे बचने के तरीकों से लगातार सजग करें ताकि बीमारियों का प्रकोप कम से कम हो। वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान एनआईसी कक्ष में सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट, अपर कलेक्टर श्री राजेन्द्र कुमार सिंह, ईई पीएचई श्री मनोज भास्कर, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मुन्नी वरकड़े, उप संचालक कृषि श्रीमती मधु अली, पीओ मनरेगा श्रीमती ऋतु तिवारी, सीएमओ नगर पालिका श्री गजानन नाफड़े सहित संबंधित उपस्थित रहे।

