मण्डला 11 अप्रैल 2022
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्राम कहूला जिला रायसेन से प्रदेश स्तरीय जल संसद एवं जल अभिषेक के कार्यों का शुभारंभ किया। ’जल अभिषेक अभियान’ के तहत श्री चौहान ने 5 हजार से अधिक अमृत सरोवरों के निर्माण कार्यों और पुष्कर धरोहर समृद्धि अभियान के अंतर्गत 10 हजारी पुरानी जल संग्रहण संरचनाओं के जीर्णाेद्धार कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी प्रकार प्रदेश के 60 विकासखंडों में जल शक्ति योजना के क्रियान्वयन एवं कार्ययोजना से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया। राज्यस्तरीय कार्यक्रम में जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जल योद्धाओं का मंच से संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी संस्कृति ही जल संस्कृति है, पानी ही अमृत है, सृष्टि को आगे बढ़ाने पानी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल अभिषेक अभियान के तहत धरती में वाटर रिचार्जिंग का कार्य किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि पेड़ लगाना जरूरी है। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि बारिश के पानी को रोकें, खेत तालाब बनाएं, स्टॉप डेम बनाएं साथ ही अन्य प्रकार के जल संरचनाएं भी बनाएं। उन्होंने मंच से सभी को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने मंच से राज्य सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। श्री चौहान ने कहा कि एडॉप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम के तहत हम सभी अपने गांव की आंगनबाडी केन्द्र की व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए सहयोग करें। साथ ही हम सभी सुपोषण युक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना कुछ न कुछ योगदान अवश्य दें।
जिला स्तरीय कार्यक्रम माली मोहगांव में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती मरावी, कलेक्टर हर्षिका सिंह, पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत, सहायक कलेक्टर अग्रिम कुमार, जिला पंचायत सीईओ रानी बाटड, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शैलेष मिश्रा, जनपद पंचायत मंडला अध्यक्ष पांचो बाई पदम, जिला पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। जिला स्तरीय कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते भी जुड़े। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण के कार्यों में जनता की सहभागिता जरूरी है। जिस तरह वर्तमान में जल संकट बढ़ रहा है इसे देखते हुए जनप्रतिनिधि गांवों में लोगों से संवाद करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल जागरण कार्यक्रम का आयोजन करें। श्री कुलस्ते ने जल संसद का महत्व बताते हुए कहा कि जल अभिषेक अभियान के तहत जल का कम से कम उपयोग करें, बेकार जल न बहाएं और ज्यादा से ज्यादा जल बचाएं।
राज्यसभा सांसद संपतिया उईके ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में धरती का जल स्तर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जल स्तर निरंतर कम हो रहा है। जल संरचनाओं का निर्माण करने में सरकार अच्छा कार्य कर रही है। श्रीमती उईके ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिले में 75 जल सरोवर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूमि का जल स्तर बरकरार रखने के लिए खेत का पानी खेत में ही रोकें तथा गांव का पानी गांव में रोकें। मंडला विधायक देव सिंह सैयाम ने कहा कि जल का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। स्वच्छ पानी न होने से बीमारियां उत्पन्न होती हैं। जल अभिषेक अभियान के तहत जल स्त्रोतों को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने जीवन में जल स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए और अपने आसपास नदी, नालों, तालाबों, घाटों को स्वच्छ बनाए रखना चाहिए। जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती मरावी ने जल अभिषेक अभियान के तहत गांव-गांव स्तर पर हो रहे जल स्त्रोतों के संरक्षण, मरम्मत एवं सफाई कार्य की सराहना की एवं सभी से पानी बचाने की अपील की। जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कहा कि जल बचाने का काम न केवल सरकार का है बल्कि यह समाज का भी महत्वपूर्ण कार्य है। समाज तथा प्रत्येक व्यक्ति जल संरक्षण के कार्य में लगातार अपना सहयोग दें। जनपद अध्यक्ष पांचोबाई पदम ने कहा कि पानी बचाओ, जीवन बचाओ।
कार्यक्रम के पूर्व कलेक्टर हर्षिका सिंह ने माली मोहगांव में तालाब निर्माण कार्य का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ जल संरक्षण के संबंध में आयोजित स्थानीय चौपाल में शामिल हुई। साथ ही पौधारोपण भी किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम का प्रारंभ परंपरागत दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश उपाध्याय ने किया।
