मंडला, 28 मई 2025
मण्डला जिले के बंजारा टोला खुर्सीपार निवासी श्रीमती अनीता बाई ने मनरेगा और जल गंगा संवर्धन अभियान जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी खेती और जीवन को एक नई दिशा दी है। जिस भूमि में पहले खेती करना संभव नहीं था, उस भूमि में अब आम के फलदार पौधे लहरा रहे हैं। श्रीमती अनिता बाई के लिए आम की फसल वार्षिक आमदनी का जरिया बन गया है।
आमदनी का जरिया बना ’नंदन फलोद्यान’
साल 2014 में श्रीमती अनीता बाई को मनरेगा के तहत एक नंदन फलोद्यान स्वीकृत हुआ। उन्होंने इस अवसर का लाभ उठाया और अपने खेत में आम के 25 पेड़ लगाए। इन पेड़ों में केसर, बंबइया और लंगड़ा जैसी बेहतरीन किस्मों के आम लगे हैं। पिछले तीन सालों से अनीता बाई इन आमों की खेती से अच्छा लाभ कमा रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
जल गंगा संवर्धन से मिला ’खेत तालाब’
श्रीमती अनीता बाई को जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक खेत तालाब भी मिला है। यह तालाब बनकर तैयार हो चुका है और गुणवत्तापूर्ण निर्मित पाया गया है। इस तालाब से श्रीमती अनीता बाई की खेती को एक नया आयाम मिलेगा। उन्होंने बताया कि वे इस तालाब के पानी का उपयोग सब्जी-भाजी की खेती के लिए करेंगी, जिससे उनकी आय में और वृद्धि होगी। इसके साथ ही वह मछली पालन करने की भी योजना बना रही हैं, जो उनके लिए आय का एक अतिरिक्त स्त्रोत बनेगा।
