मंडला 3 जुलाई 2025
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.जे. मोहन्ती ने एडवाइजरी जारी की है कि बरसात के दिनों में सर्पदंश के केस अत्यधिक सामने आते हैं, सर्पदंश से व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। सर्पदंश को अनदेखा न करें। व्यक्ति को किसी नजदीकी अस्पताल तुरन्त लेकर जायें। झाड़-फूंक में न रहें। सांप के दांत के नीचे विष की थैली होती है। काटने पर विष की थैली से सीधे शरीर में खून के माध्यम से जहर फैल जाता है। सामान्यतः जहरीले सांपों के काटने पर दांतों के दो निशान अलग ही दिखाई देते हैं। गैर विषैले सांप के काटने पर दो से ज्यादा निशान हो सकते हैं, परन्तु ये निशान नहीं दिखता है। ये सोचना गलत होगा कि सांप ने नहीं काटा है, ज्यादातर सांप गैर विषैले भी होते हैं। सांप के काटने पर करीब-करीब 95 प्रतिशत मामलों में पहला लक्षण नींद का आना है। इसके साथ निगलने या सांस लेने में तकलीफ होती है।
आमतौर पर सांप काटने पर आधे घंटे बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं। सांप के काटने पर प्रभावित स्थान को न तो रस्सी से ना बांधें और न ही ब्लेड से काटें। पारम्परिक तरीकों का इस्तेमाल ना करें। मुंह से खून ना चूसें। ओझा, गुनिया के पास ना जायें। सांप काटे व्यक्ति को नदी में प्रवाहित ना करें। अंधविश्वास में ना पड़ें। यथासंभव सांप काटे व्यक्ति को दिलासा दिलायें। घटना के तथ्यों का पता लगायें। गीले कपड़े से डंक की जगह की चमड़ी को साफ करें जिससे लगा वहां पर लगा विष निकल जाये। सांप काटे व्यक्ति को करवट सुलायें, क्योंकि कई बार उल्टी भी होने लगती है, इसलिए करवट सुलाने से उल्टी श्वसनतंत्र में ना जाये। जहां पर सांप ने काटा है उस स्थान पर हल्के कपड़े से बांध देवें। सांप काटे व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाने की व्यवस्था बनायें। सांप के जहर को कम करने के लिए अस्पताल में निःशुल्क एंटी स्नेक इंजेक्शन लगाया जाता है, जो कि अस्पताल में उपलब्ध है एवं डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार उचित उपचार करायें। अंधेरे, झाड़ियों एवं पानी भरे गड्ढ़ों में ना जायें और न ही बिलों में हाथ डालें। पैरों में चप्पल और जूते पहनकर चलें।
