मंडला 15 जुलाई 2025
बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि मंडल ने जिला जेल मंडला का भ्रमण किया। प्रतिनिधि मंडल ने जेल में निरूद्ध पुरुष एवं महिला बंदियों से मिलकर जेल में निवासरत 6 वर्ष से कम आयु तथा बंदियों के 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे जो परिवार में निवासरत हैं तथा जिन्हें देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता है उक्त के संबंध में जानकारी प्राप्त की। समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि जिला जेल मंडला के अपने भ्रमण का प्रतिवेदन संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया है। बाल कल्याण समिति जिला मंडला के प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष के साथ सदस्य तृप्ति शुक्ला, रंजीत कछवाहा, शशि पटेल, संतोष कुमार यादव तथा संरक्षण अधिकारी रितेश बघेल शामिल रहे। समिति अध्यक्ष श्री गुप्ता ने बताया कि बाल कल्याण समिति भारत में किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत गठित एक स्वायत्त संस्था है, जो बच्चों के सर्वोत्तम हित के लिए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट शक्ति प्राप्त पीठ के रूप में कार्य करती है। बाल कल्याण समिति उन बच्चों से संबंधित शिकायतों को संभालने और हल करने के लिए है जो या तो त्याग दिए गए हैं, अनाथ हैं, माता-पिता द्वारा स्वेच्छा से छोड़ दिए गए हैं या खो गए हैं अथवा जिन्हें किसी भी कारण से संरक्षण की आवश्यकता है। 18 वर्ष की आयु तक के बच्चे जिन्हें विकास, सुरक्षा, उपचार और पुनर्वास से संबंधित मुद्दों पर देखभाल की आवश्यकता है की सुनवाई बाल कल्याण समिति द्वारा की जाती है। इसमें बच्चों की बुनियादी जरूरतों और सुरक्षा के लिए आवश्यकताओं का प्रावधान भी शामिल है।
