मंडला 13 सितंबर 2025
प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढावा देने, कृषि की उन्नत तकनीको एवं उन्नत यंत्रों के बारे में जिले के कृषकों को जानकारी एवं तकनीकी परामर्श देने के लिए आरडी कॉलेज में कृषक संगोष्ठी कलेक्टर कृषक संवाद कार्यक्रम का आयोजन पीएचई मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम, निवास विधायक श्री चैनसिंह वरकडे़, बिछिया विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा की मौजूदगी में हुआ।

मंत्री श्रीमती उईके ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। आज खेती में रसायनों, यूरिया, कीटनाशक आदि को अत्यधिक प्रयोग किया जा रहा है जिससे मिट्टी की उर्वरता सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। जैविक एवं प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया जाता है। किसानों को रसायनिक खेती से होने वाले नुकसान की जानकारी होना चाहिए साथ ही इसके विकल्प के तौर पर क्या किया जा सकता है यह बताने के लिए संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती बहुत ही आसान और किफायती है। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। इससे उत्पन्न खाद्य पदार्थ खाने से हम स्वस्थ रहेंगे और बीमारियों से बचेंगे साथ ही साथ हमे इसकी उपज का अच्छा दाम भी मिलेगा। मंडला जिला जैविक कृषि विकास के अनुकूल है। सरकार की मंशा कृषि उत्पादन को बढ़ाना, उत्पादन की लागत को कम करना और कृषि उपज के उचित दाम दिलाना है। अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का फल वाजिब दामों के रूप में मिल रहा है।

श्रीअन्न (मोटे अनाज) जैसे कोदो- कुटकी, ज्वार, बाजरा, रागी आदि की फसल के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि यह मोटे अनाज कम पानी में अधिक पैदावार देते है। रसायनमुक्त खेती के लिए यह मददगार है। हमारे पूर्वजों ने विविधतापूर्ण खेती पर जोर दिया। अब परम्परागत खेती को आधुनिक उन्नत खेती के साथ सम्मिश्रित करके अपनानेे की आवश्कता है। सरकार भी अब कोदो-कुटकी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ख़रीदी कर रही है। इसके अलावा कोदो-कुटकी की खेती करने वालों को प्रति क्विंटल एक हज़ार रुपये बोनस के तौर पर दिया जाएगा। जैविक और प्राकृतिक उत्पादों को बाजार में बढ़ावा देने की बात उन्होंने की।

मंत्री श्रीमती उईके ने यूरिया की आपूर्ति के संबंध में कहा कि विगत वर्ष 27800 मी.टन का भंडारण हुआ था, इस वर्ष 2025-26 खरीफ में 27300 मी.टन का भंडारण हुआ है। वार्षिक आपूर्ति 99 प्रतिशत की जा चुकी है। खरीफ वर्ष 2025-26 में विभागीय टीमों द्वारा बीज, खाद की दुकानों का निरीक्षण किया गया। अनियमितता पाये जाने पर 5 एफआईआर दर्ज कराई गयी, 7 लाइसेंस सस्पेंड जबकि 3 लाइसेंस निरस्त किये गए हैं।

सांसद श्री कुलस्ते ने कहा कि रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना श्रीअन्न (मिलेट्स) उत्पादक किसानों के लिये वरदान साबित होगी। इससे मिलेट्स उत्पादक कृषकों को अपने उत्पादों का उचित दाम मिलेगा, जिससे अन्य किसानों को मिलेट्स उत्पादन के लिये प्रोत्साहन भी मिलेगा। जैविक खेती के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है और उसे प्रोत्साहन देने के लिए हर संभव मदद करेगी। कृषक संगोष्ठी का मुख्य उददेश है कि किसानो को बताया जाए की उन्हें अपनी भूमि में किस फसल को लगाया जाना चाहिए। रबी एवं खरीफ की फसल लगाने पूर्व किसानों से संवाद किया जाए। रासायनिक उवर्रक एवं कीटनाशकों के इस तरह प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है। मित्र कीटों को पहचानना किसानों के लिए अत्यंत जरूरी हैं। यह सारी बाते हमारे किसानों को अच्छी तरह से मालूम हो इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में यह पहल की गई है जो निश्चित ही किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

सांसद श्री कुलस्ते ने बताया कि खेत-तालाब योजना का लाभ लेकर किस तरह किसान अपनी आमदनी में वृद्वि कर सकते है। यहां मछली पालन, मेढ़ पर दलहनी फसलें बोई जा सकती है। गौपालन के माध्यम से खेतो के लिए गोबर खाद एवं गोबर गैस प्लांट घर में खाना बनाने में मददगार साबित होगा। सरकार किसानों को हर संभव सहायता देने के तैयार है।

कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि यह संगोष्ठी कृषि के विषय में चिंतन करने का अवसर है। शासन – प्रशासन की किसान बंधुओं से कुछ अपेक्षाएं हैं और कुछ चिंताएं भी हैं। विभाग का प्रयास रहता है कि कृषि संबंधित नवीन तकनीक की जानकारी किसानों तक पहुंचे। साथ ही जिले और प्रदेश के बाहर के प्रगतिशील कृषकों के क्षेत्रों में हमारे किसानों का शैक्षणिक भ्रमण कराए जाते हैं। आज के समय में हमारे किसान परंपरागत कृषि के साथ व्यवसायिक कृषि कर रहे हैं।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना से हमारे किसान जुड़कर अपने क्षेत्र की पहचान बना सकते हैं। रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। प्राकृतिक कृषि इसका अच्छा विकल्प है इसमें हम अग्रणी बन सकते हैं। मंडला जिले की जलवायु और प्रकृति श्रीअन्न के उत्पादन के लिए उपयुक्त है। हमें मंडला को मिलेट्स के ब्रांड के रूप में स्थापित करना होगा इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, मीडियाकर्मियों का सहयोग जरूरी है। नरवाई प्रबंधन की चर्चा करते हुए कलेक्टर ने आह्वान किया कि इस साल हमें खरीफ की फसल के बाद खेतों में आग नहीं लगानी है बल्कि नरवाई का नवीन तकनीक के प्रयोग से बेहतर प्रबंधन करना है।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम ने कहा कि आज कृषि योग्य भूमि कम हो रही है इसलिए जरूरी है कि हम प्राकृतिक कृषि के साथ खेती की नवीन तकनीकी को अपनाएं। इसके लिए हमें मछली पालन, कुक्कुट पालन और गौपालन को कृषि के साथ जोड़कर देखने की आवश्यकता है। कृषि में मल्टीलेयर क्रापिंग जैसी पद्धतियों का उपयोग बेहतर विकल्प हो सकता है। प्राकृतिक कृषि में लागत को कम करके किसान अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए बिछिया विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा ने कहा कि इस तरह की संगोष्ठी का आयोजन सराहनीय कदम है। कृषक संवाद के ऐसे कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं को भी साझा करना आवश्यक है अन्यथा इनका आयोजन अधूरा रहता है। संगोष्ठी में अपने अनुभव साझा करते निवास विधायक श्री चैनसिंह वरकडे़ ने कहा कि हमारे पूर्वज पहले प्राकृतिक खेती ही किया करते थे हल-बैल से खेती होती थी। वर्तमान परिवेश में खेती के तौर तरीकों में बदलाव आया है। हमें नई पद्धति से प्राकृतिक खेती करनी होगी। जिससे हमारा स्वास्थ्य भी बेहतर होगा और भूमि की उर्वरता भी बनी रहेगी।

डीडीए अश्विनी झारिया ने कृषक संगोष्ठी में बताया कि प्राकृतिक खेती योजना अंतर्गत जिले में 50 क्लस्टर का निर्माण किया गया है जिसमें 100 कृषक सखी भी बनाई गई है। प्राकृतिक खेती योजना अंतर्गत 6250 किसानो का पंजीयन किया गया है। इस दौरान नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि समिति के सभापति श्री भूपेन्द्र वडकडे़, जिला पंचायत श्री शैलेश मिश्रा ने भी जैविक एवं प्राकृतिक के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में श्री रानू राजपूत, श्री हरिसिंह पंद्रे, विनोद चौरसिया, ललित लोधी, श्री राकेश पटेल, श्री उमेश शुक्ला, श्री लालजू मर्सकोले सहित अन्य जनप्रतिनिधी और कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, कृषि सखी एवं जिले के प्रगतिशील कृषक मौजूद रहे।

