मंडला 13 सितंबर 2025
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 सितम्बर को सम्पूर्ण देश में नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई। इसी तारतम्य में जिला मण्डला में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कमल जोशी के निर्देशन में एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री तपन धारगा के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें सभी प्रकार के राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल प्रकरण विद्युत प्रकरण, मोटर दुर्घटना, भरण-पोषण, चैक बाउन्स, श्रम, राजस्व पारिवारिक वैवाहिक मामले न्यायालय के प्रकरणों के साथ-साथ, बैंक, नगरपालिका, विद्युत एवं बीएसएनएल के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया।
न्यायिक मजिस्टेªट/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री धारगा ने बताया कि नेशनल लोक अदालत जिला न्यायालय मण्डला एवं तहसील न्यायालय नैनपुर/निवास/बिछिया में भी उक्त नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई है जिसमें सभी समझौते योग्य प्रकरणों के निराकरण हेतु 23 खंडपीठों का गठन किया गया है। जिसमें आपसी सुलह के आधार पर राजीनामा किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार की नेशनल लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में बैंक के 80 प्रकरणों में से 78 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 10921471रूपये की वसूली राशि प्राप्त हुई, विद्युत विभाग के 126 प्रकरणों में से 126 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें 478482 रूपये की वसूली राशि प्राप्त हुई, नगरपालिका के 102 प्रकरणों में से 102 प्रकरण निराकृत हुये, जिसमें 385612 रूपये की वसूली राशि प्राप्त हुई।
न्यायालय के लंबित केसेस में समझौता योग्य आपराधिक प्रकरण 129 प्रकरणों में से 127 निराकृत हुए। धारा 138 एनआईएक्ट के 64 प्रकरणों में से सभी प्रकरण निराकृत हुये जिसमें राशि 14773240 का अवार्ड पारित किया गया, एमएसीटी के 67 प्रकरणों में से 64 प्रकरण निराकृत हुये जिसमें राशि 20197000 का अवार्ड पारित किया गया एवं पारिवारिक विवाद के 20 प्रकरणों में से 19 प्रकरणों को निराकृत किया गया। अन्य सिविल प्रकृति के 07 प्रकरणों में से 07 प्रकरण निराकृत हुये। सभी समझौता योग्य प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह के आधार पर किया गया तथा सभी लाभान्वितो को पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए लोक अदालत में उपस्थित लाभान्वित व्यक्तियो को एक-एक पौधा भेंट किया गया व वृक्षारोपण को बढावा देने का संदेश दिया गया।
इस प्रकार न्यायालय के पेंडिंग केसेस कुल 337 प्रकरणों में से 334 प्रकरण निराकृत किये गये तथा 42800839 रूपये राशि का धनादेश पारित किया गया तथा प्रीलिटिगेरूशन कुल प्रकरण 332 मे से 330 प्रकरण निराकृत किये गये तथा 11871272 रूपये राशि का धनादेश पारित किया गया । इस लोक अदालत से कुल 795 लोग लाभांवित हुये।
