मंडला, 14 नवंबर 2025
भारत की संस्कृति को समझने और उसकी जड़ों की अनुभूति के लिए जनजातीय आख्यान एक प्रेरक माध्यम की तरह है, जो गोंड जनजातीय आख्यानों जिनसे गोंड समुदाय की जीवन परंपरा का सत्य देखा और समझा जा सकता है। उनकी प्रस्तुतियां हम उनके चरित्र नायकों राजा पेमल शाह, हीराखान सिंह में देख सकेंगे। इन आख्यानों की यह खूबसूरती है कि इनमें जहां जातीय शौर्य के उदाहरण हैं वही तंत्र-मंत्र और संबंधों की रक्षा के लिए अपने जीवन का उत्सर्ग भी है। यह सिर्फ कहानियां भर नहीं है। ऐसे सभी जातीय आख्यान गोंड समुदाय की सांस्कृतिक समझ और उसके पौराणिक चरित्र से हमें परिचित कराते हैं। जननायक समारोह का यह स्वरूप तीन नृत्य-नाटक प्रस्तुतियों से बुना गया है, जिनमें दो प्रस्तुतियां आख्यान परक है एवं एक प्रस्तुति ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। इन प्रस्तुतियों को इस तरह से परिकल्पित करने के पीछे गोंड जनजातीय की सांस्कृतिक, शौर्य परक, आध्यात्मिक निरंतर को भी इन प्रस्तुतियों में बताना लक्षित किया गया है।
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से गोंड साम्राज्य के 52 गढ़ों में से पहले चरण में 30 गढ़ों में प्रस्तुतियों का तीन दिवसीय समारोह जननायक आयोजित किया जा रहा है। गतिविधि अंतर्गत 14 से 16 नवंबर 2025 तक विनोद मंच, बस स्टैंड बिछिया जिला मंडला, निषादराज भवन, इनडोर स्टेडियम के पास मंडला में संयोजित किया जा रहा है। गतिविधि में स्वतंत्र्य समर की अप्रतिम गोंड नायिका वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा पेमलशाह एवं राजा हीराखान सिंह नृत्य नाट्य की प्रस्तुति दी जा रही है। विभाग की ओर से प्रस्तुतियों का निर्देशन एवं पुनर्संयोजन श्री रामचंद्र सिंह, श्री नवीन सिंह श्याम, श्री आशीष पटेल द्वारा कराया गया है।
