मंडला, 9 दिसंबर 2025
मंडला के ग्राम धुरंमर, पोस्ट आमगाँव (ब्लॉक निवास) के श्री तेजलाल सिंगौरे के घर में जब उनकी दो नन्ही बेटियों दिव्यांशी (8 वर्ष) और जानवी (11 वर्ष) के दिल में छेद होने की जानकारी मिली, तो परिवार पर मानो पहाड़ टूट पड़ा। मासूम उम्र में ऐसी गंभीर बीमारी और ऊपर से आर्थिक तंगी परिजन असहाय और गहरे सदमे में पहुँच गए। बड़े अस्पतालों में इलाज कराना उनके लिए एक असंभव सा सपना था। लेकिन कठिनाई के इस अँधेरे में उम्मीद की किरण बनकर सामने आया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम। एकीकृत धुरंमर शाला में पढ़ने वाली दोनों बहनों की बीमारी की पहचान ब्लॉक की आरबीएसके टीम ने स्कूल स्क्रीनिंग के दौरान की। स्थिति गंभीर जरूर थी, पर इसका समाधान भी साथ था।
आरबीएसके टीम के डॉ. अजय खंडेल ने बच्चियों के पिता को समझाया कि चिंता मत कीजिए, शासन की योजना के तहत आपकी बेटियों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क होगा। बस आप दस्तावेज उपलब्ध कराएँ, बाकी प्रक्रिया हम कराएँगे। परिवार की टूटी उम्मीदें फिर से जुड़ने लगीं। स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चियों की पूरी फाइल तैयार की और उन्हें जबलपुर के गैलेक्सी हॉस्पिटल में भेजा गया। वहाँ शासन की स्वास्थ्य योजनाओं और जिला स्वास्थ्य विभाग के संवेदनशील प्रयासों की बदौलत दोनों बहनों का पूरी तरह निःशुल्क ऑपरेशन सफलतापूर्वक हुआ। आज दिव्यांशी और जानवी एक नई जिंदगी की ओर कदम बढ़ा रही हैं मुस्कुराती हुई, स्वस्थ और अपने सपनों को फिर से जीने के लिए तैयार है।
परिजन भावुक होकर कहते हैं कि हमारे पास इतने पैसे नहीं थे कि हम इस बड़े इलाज के बारे में सोच भी सकें, लेकिन शासन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हमारी बेटियों को नई जिंदगी दे दी। हम उनका जीवनभर आभार मानते रहेंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अपील की है यदि किसी भी बच्चे में दिल संबंधी कोई लक्षण दिखाई दें या हृदय में छेद जैसे गंभीर रोग की आशंका हो, तो उसे तुरंत जिला चिकित्सालय के जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में रजिस्ट्रेशन कराएँ। समय पर उपचार से कई बच्चों का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।

