मंडला। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे ख्यातिलब्ध कवियों ने अपनी ओजस्वी संवेदनशील एवं प्रेरणादायक रचनाओं के माध्यम से अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम मां सरस्वती के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल एवं छिंदवाड़ा जिले से पधारे महामंडलेश्वर अजय रामदास जी महाराज की विशेष उपस्थिति रही। वहीं उनके साथ जबलपुर से आए सुदीप भोला, भोपाल से आए मदन मोहन समर, दिल्ली से आई पी के आजाद, जबलपुर से आए अभिनेष अटल, नरसिंहपुर से आए आशीष सोनी, रीवा से आए कामता माखन, दिल्ली से आई कल्पना शुक्ला जैसे देश के ख्याति लब्ध कवि मंचासीन रहे।


देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी भाजपा कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कवियों की ओजस्वी और प्रेरणादायक रचनाओं ने न केवल श्रोताओं के कान बल्कि मन और आत्मा को भी प्रफुल्लित कर दिया। पूरे कार्यक्रम में देश भक्ति राष्ट्र निर्माण और अटल जी के विचारों की स्पष्ट झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में स्थापित अटल जी की प्रतिमा और उनके विचारों को समर्पित इस प्रकार का आयोजन अत्यंत सराहनीय है। अटल जी कवियों के कवि थे और उनके जन्म शताब्दी वर्ष में कवियों का ऐसा संगम उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

कार्यक्रम के अंत में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने सभी अतिथि कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राजनीति के साथ-साथ साहित्य संस्कृति और राष्ट्र की आत्मा को सशक्त करने का कार्य निरंतर करती रही है और यह कवि सम्मेलन उसी विचारधारा का सशक्त उदाहरण है। यह भव्य आयोजन न केवल मंडला जिले बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक स्मरणीय सांस्कृतिक उपलब्धि सिद्ध हुआ जिसने यह संदेश दिया कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचार कविता और राष्ट्रप्रेम आज भी समाज को दिशा देने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।

