मंडला, 3 जनवरी 2026
इंदौर में हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने शनिवार को शहरी क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण श्री सचिन जैन, समस्त सीएमओ और सब इंजीनियर की वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने जल वितरण नेटवर्क के नियमित निरीक्षण, पाइपलाइन रिसाव की समय पर पहचान और 48 घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 20 वर्ष से अधिक पुरानी पाइपलाइनों की पहचान कर उनकी प्राथमिकता से जांच की जाए। बैठक में उन्होंने जल शोधन संयंत्रों, उच्च स्तरीय टंकियों एवं प्रमुख जल स्त्रोतों से नियमित जल नमूना परीक्षण करने तथा मानकों के अनुरूप जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में जल नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं, तो तत्काल जलापूर्ति रोककर वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था की जाए।

कलेक्टर ने क्लोरीनेशन प्रणाली की 247 निगरानी, क्लोरीन की निर्धारित मात्रा बनाए रखने तथा वार्ड स्तर पर रेंडम सैंपलिंग के निर्देश भी दिए। उन्होंने जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों को आपात श्रेणी में रखते हुए 24 से 48 घंटे के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में दीर्घकालीन समाधान के तहत लीकेज डिटेक्शन, जीआईएस आधारित मैपिंग पर भी चर्चा की। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कर शहरी क्षेत्र में निर्बाध एवं सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

