मंडला, 23 जनवरी 2026
उपसंचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में ई-विकास उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली ऐप के द्वारा व्यवस्थित खाद वितरण के लिए जिले में 4 डबल लॉक केंद्र, 43 सहकारी समितियां एवं 81 निजी विक्रेता स्थापित हैं। संबंधित कृषक की फार्मर आईडी बनी होना अनिवार्य है, जिसके लिए भू-अभिलेख शाखा (संबंधित क्षेत्र के पटवारी), कॉमन सर्विस सेंटर एवं कृषक मोबाईल से एग्रीस्टेक ऐप को डाउनलोड कर स्वयं के द्वारा भी आईडी बना सकते हैं। ई-टोकन प्रणाली एक डिजिटल व्यवस्था है जो किसानों को उर्वरक (खाद) जैसी आवश्यक चीजें बिना लंबी लाइनों और कालाबाजारी के एक निश्चित समय और स्थान पर आसानी से उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है। यह एक ऑनलाइन प्रक्रिया है जहाँ किसान अपने आधार कार्ड और मोबाइल से एक डिजिटल टोकन जनरेट करते हैं, जिससे उन्हें कब, कहाँ और कितनी खाद मिलेगी, इसकी जानकारी मिलती है। किसान अपने मोबाइल या वेब पोर्टल के माध्यम से अपने आधार नंबर और ओटीपी का उपयोग करके लॉग इन करते हैं, पोर्टल पर अपनी फसल, भूमि का रकबा और मौसम का चयन करते हैं, सिस्टम उनकी फसल के अनुसार आवश्यक उर्वरक की गणना करता है और उपलब्ध स्टॉक दिखाता है। किसान अपनी पसंद के उर्वरक विक्रेता (सरकारी या निजी) का चुनाव करते हैं। एक डिजिटल टोकन जारी होता है जिसमें वितरण केंद्र, तिथि और समय लिखा होता है।
