मंडला, 6 फरवरी 2026
जिले के विकासखंड नारायणगंज अंतर्गत ग्राम कोंड्रामाल में ग्रामीण
अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित मधुमक्खी पालन
प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। एएसआईआर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान
संस्थान लखनऊ एवं कृषि विज्ञान केंद्र मण्डला के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित
इस कार्यक्रम में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने शामिल होकर प्रशिक्षणार्थियों का
उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि मधुमक्खी
पालन ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इस
बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं हर क्षेत्र में
अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। कलेक्टर ने कहा कि मधुमक्खी पालन से न
केवल शुद्ध शहद का उत्पादन होगा, बल्कि परागण के माध्यम से कृषि उपज में
भी बढ़ोत्तरी होगी। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अब मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य
समूहों को प्रशिक्षित करेंगी, जिससे पूरे जिले में इस स्वरोजगार का विस्तार होगा।
15 समूहों को मिलीं मधुमक्खी पेटियां और किट
प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के 15 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने सक्रिय
भागीदारी की। स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रत्येक समूह को 5-5
मधुमक्खी पेटियां प्रदान की गईं। प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र और आवश्यक टूल-
किट वितरित किए गए। आधुनिक तकनीक, रख-रखाव और शहद प्रसंस्करण के
वैज्ञानिक गुर सिखाए गए।
प्रशिक्षण के दौरान लखनऊ के वैज्ञानिक डॉ. पुनीत सिंह चौहान, डॉ. सुनील
कुमार, प्रभात कुमार मौर्य और केवीके मण्डला से डॉ. दीपाली वाजपेई, डॉ. केतकी
धूमकेती, डॉक्टर केके आर्य, डॉ. भारतीया एवं उनकी टीम ने मधुमक्खी पालन की
बारीकियों से महिलाओं को अवगत कराया। इस अवसर पर उपसंचालक कृषि श्री
अश्वनी झरिया, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में
ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
