मंडला, 10 फरवरी 2026
पशुपालन और डेयरी विभाग ने पशुपालकों को दी जाने वाली बुनियादी सेवाओं, जैसे
टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर और अधिक पारदर्शी बनाने
का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी
योजनाओं का लाभ सीधे और सही समय पर पशुपालकों तक पहुँचे।
अब जब भी पशुपालन विभाग के फील्ड कर्मचारी आपके द्वार पर टीकाकरण या कृत्रिम
गर्भाधान सेवाओं के लिए आएंगे, तो वे आपसे आपका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मांग
सकते हैं। यह जानकारी डेटाबेस को अपडेट रखने और सेवाओं की ट्रैकिंग के लिए अनिवार्य की
गई है।
इस व्यवस्था से हर पशु का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा, जिससे
समय पर अगले टीके या जांच की जानकारी विभाग और पशुपालक दोनों के पास उपलब्ध होगी।
1962 ऐप आपकी हर समस्या का समाधान
सरकार ने पशुपालकों की सुविधा के लिए 1962 मोबाइल ऐप को और अधिक सशक्त
बनाया है। किसान इस ऐप के माध्यम अपने पशुओं के टीकाकरण और एआई सेवाओं का
विवरण देखना, पशुपालन से जुड़ी नई योजनाओं की जानकारी प्राप्त करना, किसी भी समस्या या
बीमारी की स्थिति में विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
