मंडला, 23 सितम्बर 2026
मंडला जिले के विकासखंड नारायणगंज के ग्राम परतला में स्थापित जैव संसाधन केंद्र प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय का नया माध्यम बन रहा है। जैव संसाधन केंद्र का संचालन कृषि सखियों मानवती उर्वेती एवं अनीता बघेल द्वारा किया जा रहा है। केंद्र में प्राकृतिक खेती के लिए उपयोगी जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र एवं ब्रह्मास्त्र जैसे विभिन्न जैव आदानों का निर्माण किया जा रहा है। इन जैव उत्पादों को प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है।

कृषि सखियां ग्राम बम्हनी, डुंगरिया एवं चटरा के किसानों से संपर्क कर उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित कर रही हैं। साथ ही किसानों को जैव आदानों के निर्माण, उपयोग और प्राकृतिक खेती से होने वाले लाभों की जानकारी भी दी जा रही है। मानवती उर्वेती एवं अनीता बघेल बताती हैं कि जैव संसाधन केंद्र के माध्यम से उन्हें अपने गांव के आसपास ही काम करने और अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिला है। पहले जहां रोजगार के अवसर सीमित थे, वहीं अब जैव आदानों के निर्माण और किसानों तक उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के कार्य से उन्हें आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

इस पहल से महिलाओं में आत्मनिर्भरता का भाव मजबूत हुआ है। साथ ही किसानों को भी अपने गांव के नजदीक प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैव आदान उपलब्ध हो रहे हैं। इस प्रकार परतला का जैव संसाधन केंद्र प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को एक साथ जोड़ने वाला प्रभावी मॉडल बन रहा है। महिलाएं कहती हैं कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ उन्हें रोजगार और आय का अवसर उपलब्ध कराने के लिए वे मध्यप्रदेश शासन एवं कृषि विभाग का हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करती हैं। शासन की योजनाओं से उन्हें अपने गांव में ही आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की नई राह मिली है।

