मंडला, 24 सितम्बर 2026
जिले के कुछ क्षेत्रों में पशुओं में लंपी स्किन डिजीज के मामले सामने आने के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने पशुपालकों के लिए सावधानी बरतने संबंधी एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने पशुपालकों से बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करने की अपील की है। विभाग के अनुसार लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से मच्छर, काटने वाली मक्खी और टिक्स आदि के माध्यम से एक पशु से दूसरे पशु में फैल सकती है।
क्या हैं बीमारी के लक्षण?
शुरुआत में पशु को हल्का बुखार दो से तीन दिन तक रह सकता है। इसके बाद शरीर की त्वचा पर करीब 2 से 3 सेंटीमीटर आकार की गोल, उभरी हुई गांठें दिखाई देने लगती हैं। ये गांठें त्वचा के साथ-साथ मांसपेशियों की गहराई तक भी जा सकती हैं। बीमारी के दौरान पैरों में सूजन, दूध उत्पादन में कमी, गर्भपात और बांझपन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। गंभीर मामलों में पशु की मृत्यु भी हो सकती है। विभाग ने बताया कि अधिकांश संक्रमित पशु 2 से 3 सप्ताह में ठीक हो जाते हैं, लेकिन दूध उत्पादन में आई कमी कई सप्ताह तक बनी रह सकती है।
बचाव के लिए विभाग की सलाह
संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग रखें, मच्छर, मक्खी और टिक्स की रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय करें, पशुओं के रहने की जगह पर साफ-सफाई बनाए रखें, शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करें, संक्रमित पशु को पर्याप्त मात्रा में तरल, हल्का भोजन और हरा चारा दें, स्वस्थ पशुओं का लंपी स्किन डिजीज से बचाव का टीकाकरण करवाएं, संक्रमित क्षेत्र से पशुओं का आवागमन न करें। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, जिला मंडला ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था से संपर्क करें।
