**मंडला/नैनपुर।** मध्यप्रदेश के मंडला जिले के नैनपुर स्थित बुधवारी चौक में कथित सट्टे के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि क्षेत्र में एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों दुकानों के माध्यम से सट्टे का कारोबार संचालित हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ये गतिविधियां खुलेआम चल रही हैं, तो जिम्मेदारों की नजर आखिर इस पर क्यों नहीं पड़ रही?
**रेवा इंडिया न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट में उठे सवाल!**
रेवा इंडिया न्यूज़ के पत्रकार कमलेश मिश्रा द्वारा की गई ग्राउंड पड़ताल में बुधवारी चौक में कथित सट्टे के कारोबार को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर चल रही इन गतिविधियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जिस क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता अपेक्षित है, वहीं इस तरह के कारोबार के आरोप सामने आना कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
मामला सिर्फ कथित सट्टे के कारोबार तक सीमित नहीं है। आरोप है कि इस गतिविधि की रिपोर्टिंग करने पहुंचने वाले पत्रकारों को भी विरोध, हाथापाई और बंधक बनाए जाने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक मंडला को पहले शिकायत दिए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद, कुछ महीनों बाद कथित तौर पर यह कारोबार फिर तेजी से सक्रिय होने के आरोप लग रहे हैं।
**अब सवाल सीधे पुलिस और जिला प्रशासन से है!**
क्या बुधवारी चौक में चल रहे कथित सट्टे के कारोबार की निष्पक्ष जांच होगी? क्या शिकायतों पर ठोस कार्रवाई की जाएगी? और यदि किसी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने की आशंका है, तो क्या उसकी भी जांच होगी?
नैनपुर की जनता जवाब चाहती है। कानून से ऊपर कोई नहीं होना चाहिए और पत्रकारों की सुरक्षा से समझौता भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
**अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन कार्रवाई कर इस कथित अवैध कारोबार पर लगाम लगाता है या बुधवारी चौक में उठते ये सवाल यूं ही अनुत्तरित रह जाते हैं।**
