मंडला, 26 अक्टूबर 2026
ग्रामीणों को उनकी आबादी भूमि का स्वामित्व अधिकार दिलाने के उद्देश्य से संचालित स्वामित्व योजना के तहत मंडला जिले में लगातार कार्य किया जा रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पटवारी गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से संपर्क कर रहे हैं तथा भूखंडों के सत्यापन, अभिलेखों की जांच और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी भूमि के स्वामित्व संबंधी अधिकार प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री निःशुल्क की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक भार के बिना अपने भूमि संबंधी अधिकारों का दस्तावेज प्राप्त करने में मदद मिल रही है।

जिले में अब तक 14 हजार 800 रजिस्ट्रियाँ पूर्ण
स्वामित्व योजना के अंतर्गत मंडला जिले की 6 तहसीलों के 1 हजार 35 ग्रामों में कार्य किया जा रहा है। 26 अक्टूबर 2026 तक जिले में कुल 66 हजार 971 भूखंडों का विवरण दर्ज किया गया है, इनमें से 14 हजार 800 हितग्राहियों की रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है।
तहसीलवार स्थिति के अनुसार बिछिया में 3 हजार 195, नैनपुर में 2 हजार 743, मंडला में 2 हजार 664, नारायणगंज में 2 हजार 339, घुघरी में 1 हजार 967 तथा निवास तहसील में 1 हजार 892 हितग्राहियों की रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है। इस प्रकार जिले की सभी छह तहसीलों में योजना के तहत ग्रामीणों को स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने का कार्य जारी है।

भूमि संबंधी अधिकार होंगे सशक्त
स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि पर अधिकार का प्रमाण उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। स्वामित्व संबंधी अभिलेख मिलने से ग्रामीणों को भूमि पर अपने अधिकार प्रमाणित करने में सुविधा होती है तथा भविष्य में भूमि संबंधी विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है। पटवारियों द्वारा गांव-गांव पहुंचकर सत्यापन एवं पंजीयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन मिल रहा है।
जिले में योजना के अंतर्गत शेष पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री पूर्ण कराने के लिए प्रक्रिया निरंतर जारी है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को उनकी आबादी भूमि का स्वामित्व अधिकार मिल सके।

