मण्डला 12 मार्च 2021
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने 10 मार्च को आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रदेश स्तर पर पूर्व के अमान्य दावों के पुनः परीक्षण कर वन अधिकार पट्टा वितरण की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अनेक जिलों के वन अधिकार पट्टा वितरण की असंतोषजनक प्रगति पर नाराजगी जाहिर की, किंतु उन्होंने मंडला जिले में जिला प्रशासन द्वारा दावों को मान्य कर पट्टा वितरण के बेहतरीन संचालन के लिए कलेक्टर मण्डला हर्षिका सिंह की प्रशंसा की और बधाई दी।उन्होंने कहा कि मंडला जिला दावों को मान्य कर पट्टा वितरण करने में प्रदेश में शीर्ष 5 जिलों में शामिल है।जिले में संवेदनशीलता के साथ पट्टा वितरण कार्यक्रम की लगातार प्रगति सुनिश्चित की गई।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने जिले में पूर्व के आदिवासी वर्ग के 1986 अमान्य दावों के पुनःपरीक्षण करने एवं दावों को मान्य करने की करवाहि तथा सफल रणनीति के बारे में कलेक्टर मंडला से जानकारी भी ली। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने बताया कि जिले में 771 वनाधिकार दावों को मान्य किया गया,इस हेतु लगातार एसडीएम स्तर एवं जिला स्तर समिति की 48 बैठक आयोजित की गई तथा दोनों समितियों ने समन्वय के माध्यम से वन अधिकार दावों को मान्य कर पट्टा वितरण किया गया।कलेक्टर हर्षिका सिंह ने यह भी बताया कि जिले में ऐसे भी दावेदरो के दावे मान्य किये गये जिनके दावे ग्राम स्तर की समिति ने बिना साक्ष्य के अमान्य की अनुशंसा की थी तथा जिनके पास दावे के लिए साक्ष्य का अभाव ऐसे दावों में कलेक्टर एवं डी.एफ़.ओ. द्वारा स्वयं स्थल पर जाकर दावे की वनभूमि को देखा तथा वहा पुराने घर या बाड़ी मिलने पर उसे अधिनियम के नियम 13 में उल्लेखित साक्ष्यों के रूप उम लेख बधकराकर जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए ऐसे हितग्राहियों लगभग 59 हितग्राहियों को साक्ष्य के अभाव के बावजूद भौतिक सत्यापन कर वन अधिकार दावे मान्य किए जाकर पट्टा वितरित किया गया। साथ ही कलेक्टर ने विशेष अभियान चलाकर मान्य किये गए 771 पट्टेधारकों को शासन की अन्य हितग्राही मूलक योजनों से लाभान्वित किया गया हैं ।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस तथा प्रमुख सचिव वन विभाग श्री वर्णवाल ने जिला प्रशासन की संवेदनशीलता के लिए मंडला जिले और कलेक्टर हर्षिका सिंह को बधाई दी और अन्य जिलों को भी मंडला जिले के सामान संवेदनशीलता के साथ काम करने और दावों की लगातार समीक्षा करते हुए वन अधिकार के दावों को निराकरण करने के बेहतर रणनीति से संचालित करने के निर्देश दिए।
