मंडला। 74 वें वार्षिक निरंकारी संत समागम की तैयारियां जोरशोर से की जा रही है। यह आयोजन वर्चुअल रूप में 27, 28 एवं 29 नवम्बर को होगा। इस वर्ष के निरंकारी संत समागम का शीर्षक विश्वास, भक्ति, आनंद विषय पर आधारित है जिसमें विश्व भर से वक्ता, गीतकार तथा कविजन अपनी प्रेरक एवं भक्तिमय प्रस्तुति देंगे। संपूर्ण समागम का सीधा प्रसारण मिशन की वेबसाईट पर तथा कुछ टीव्ही चैनलों में भी किया जाएगा। समागम के तीनों दिन सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज अपने पावन प्रवचनों द्वारा मानव मात्र को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। इस वर्ष का समागम पूर्णतः वर्चुअल रूप में आयोजित किया जा रहा है किन्तु इसे जीवंत स्वरूप देने के लिए मिशन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं ताकि प्रसारण के समय इसकी अनुभूति प्रत्यक्ष समागम जैसी हो सके। यह आयोजन सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
सर्व विदित है कि मिशन का प्रथम निरंकारी संत संगागम सन 1948 में बाबा अवतार सिंह उपस्थिति में हुआ था संत निरंकारी मिशन का आरंभ बाबा बूटा सिंह के निर्देशन में हुआ जिसे गुरमत का रूप देकर बाबा अवतार सिंह ने आगे बढ़ाया। निरंकारी संत समागम को व्यवस्थित, सुसज्जित तथा प्रफुल्लित करने का श्रेय बाबा गुरबचन सिंह को जाता है इसके बाद बाबा हर हरदेव सिंह ने न केवल समागम को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया बल्कि एकत्व के आधार पर वसुदैव कुटुम्बकम और दीवार रहित संसार की सोच के साथ यूनिवर्सल ब्रदरहुड की पहचान देकर, संसार को जाति, धर्म, वर्ग, वर्ण, भाषा और देश की विभिन्नताओं से उपर अनेकता में एकता का दर्शन कराया। वर्तमान में सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज नयी सोच, एकाग्रता और सामुदायिक सामंजस्य की भावना के साथ इसे आगे बढ़ा रहे हैं।
