स्व-सहायता की दस महिलाओं ने बनाया ढा़ई कि्वंटल हर्बल गुलाल, बनाए गए हर्बल गुलाल का खुदरा बाजार मूल्य 172,500/-रू
- सतपुडा-मैकल ब्रांड के नाम से किया जाएगा ब्रांडिंग
- चुकंदर से बनाया गया गुलाबी रंग का हर्बल गुलाल
- गेंदें के फूल एवं हल्दी से बनाया गया पीले रंग का हर्बल गुलाल
- पालक, धनिया पत्ती, गुडहल पत्ती और सेम पत्ती से बनाया गया हरे रंग का हर्बल गुलाल
मण्डला। राजीव कॉलोनी देवदरा, मंडला (म.प्र.) में आयोजित तीन दिवसीय हर्बल गुलाल निर्माण कार्यशाला सह प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में गुलाबी, पीले एवं हरे रंग के हर्बल गुलाल का निर्माण किया। कार्यशाला का आयोजन ग्रामीण विकास एवं महिला उत्थान संस्थान, मंडला एवं सृजन महिला स्व-सहायता समूह, ग्राम-कजरवाडा विकासखंड़ नैनपुर, मंड़ला ने मिलकर किया।
एकगांव टेक्नोलॉजी प्रा.लि.के असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट, फॉर्म सर्विस प्लेटफॉर्म श्री सुरेंद्र कुमार गुप्ता एवं सीनियर मैनेजर श्री नीलेश कुमार दुबे ने तीन दिन में 8 तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों के साथ मिलकर गुलाबी, पीले एवं हरे रंग के हर्बल के गुलाल का निर्माण किया।
गुलाबी रंग के हर्बल गुलाल का निर्माण चुकंदर से, पीले रंग के हर्बल गुलाल का निर्माण गेंदा के फूल एवं हल्दी से तथा हरे रंग के हर्बल गुलाल का निर्माण पालक, धनिया पत्ती, गुडहल पत्ती और सेम पत्ती से किया गया। निर्मित हर्बल गुलाल का वजन ढा़ई कि्वंटल है,जिसका खुदरा बाजार मूल्य 172,500/-रू. होती है।
कार्यशाला के समन्वयक डॉ.गजेंद्र गुप्ता ने बताया कि, हर्बल गुलाल निर्माण कार्यशाला से जुडे़ हितलाभधारियों के शानदार तालमेल के कारण यह संभव हो सका। हर्बल गुलाल के निर्माण को निरंतर जारी रखा जाएगा और निर्मित हर्बल गुलाल के विपणन की प्रभावी व्यवस्था की जाएगी। कार्यशाला के दौरान म.प्र. जनअभियान परिषद मण्डला के जिला समन्वयक श्री राजेन्द्र चौधरी ने निर्माण प्रक्रिया का अवलोकन कर इसके विपणन के लिए लिंकेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
कार्यशाला का समापन समारोह पूर्वक किया गया समापन समारोह में नाबार्ड, मंड़ला के डीडीएम श्री अखिलेश वर्मा मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि की आसंदी से श्री अखिलेश वर्मा ने कहा कि, स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक पदार्थों से इको फ्रेंडली एवं स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हर्बल गुलाल निर्माण का कार्य प्रारम्भ कर स्व सहायता समूह की महिलाओं ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर
श्री अखिलेश वर्मा ने नाबार्ड द्वारा मंडला जिले में स्व-सहायता समूहों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए स्व-सहायता समूहों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया। एकगांव टेक्नालॉजी के श्री सुरेन्द्र गुप्ता ने प्रतिभगियों को सम्मबोधित करते हुये कहा कि निर्मित गुलाल को ऑनलाईन प्लेट फार्म एवं अन्य माध्यमों से विपणन के लिए उनके द्वारा हर संभव सहायता दी जायेगी। कार्यशाला के दौरान हर्बल गुलाल निर्माण के लिए प्रशिक्षित हुए कुशल प्रशिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
