मण्डला 5 जून 2021
कृषि विज्ञान केन्द्र, मण्डला के वैज्ञानिकों द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वयं सेवी संस्था एफ.ई.एस., कान्हा वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी के साथ मिलकर वृक्षारोपण का कार्य किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण काल के कारण पूरे विश्व में ऑक्सीजन की कमी पर चर्चा करते हुए ऑक्सीजन प्रदाता वृक्षों के महत्व को समझाया। वैज्ञानिकों ने बताया कि हम सभी यह भली भांति जानते है कि प्रकृति में ऑक्सीजन वृक्षों, पेड़ पौधों के द्वारा निःशुल्क प्राप्त होती है परन्तु विकास की अंधी दौड़ में सड़कों, फैक्ट्रियों, भवनों आदि के निर्माण कार्य के कारण निरंतर वृक्षों की कटाई के कारण महासागरीय जल स्तर में वृद्धि के कारण तटीय द्वीपों के भविष्य में डूबने की संभावना है। साथ ही उत्सर्जन में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की वृद्धि के कारण तापक्रम में वृद्धि, अनियमित वर्षा का सामना करना पड़ रहा है। अतः प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण को अपना कर्तव्य समझते हुए इसे जन अभियान बनाने की आवश्यकता है, अपने जन्मदिन, वैवाहिक कार्यक्रम, वैवाहिक वर्षगांठ आदि में आवश्यक रुप से वृक्ष लगाए जाएं इससे हमारा जिला हरा भरा हो सकता हैं। वृक्षारोपण में मुख्यतः केन्द्र के वैज्ञानिकों डॉ. विशाल मेश्राम, डॉ. आर.पी. अहिरवार, डॉ. प्रणय भारती, नील कमल पन्द्रे, कु. केतकी धूमकेती एवं एफ.ई.एस. से स्वपनिल, अनुप ठाकुर एवं कान्हा वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी से रंजीत कछवाहा द्वारा नीम के पौधे रोपित किये गये।
